युवाओं के लिए बड़ी खबर: कांस्टेबल भर्ती में 3 साल की छूट
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्तियों के लिए युवाओं को तीन साल की छूट प्रदान की है। यह लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो आयु अधिक हाेने के कारण अभी तक आवेदन नहीं कर पा रहे थे। हरियाणा पुलिस में पुरुष कांस्टेबल के 4500, महिला कांस्टेबल के 600 और जीआरपी में कांस्टेबल के 400 पदों की भर्ती के लिए 11 जनवरी को आनलाइन आवेदन शुरू हुए थे, जो 25 जनवरी की रात 12 बजे तक चलेंगे। अब तक एक लाख 90 हजार से अधिक युवा आवेदन कर चुके हैं।
बड़ी संख्या में युवा अधिकतम आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे थे। इनका तर्क था कि वर्ष 2022 के बाद तीन साल तक सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) नहीं हो सकी, जबकि यह हर साल होनी थी। उन्होंने वर्ष 2022 और 2023 में निकली पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए आवेदन किया था, मगर किन्हीं कारणों से यह भर्तियां रद कर दी गईं। ऐसे में वह तीन साल तक सीईटी में शामिल नहीं हो पाए और अब ओवर एज हो गए हैं। पिछले साल आयोजित सीईटी में सफल होने के बावजूद उन्हें पुलिस भर्ती में शामिल होने का मौका नहीं मिल रहा। अभ्यर्थियों ने दलील दी कि उत्तर प्रदेश में भी भर्तियां रद हुईं थी, मगर वहां भी उम्मीदवारों को छूट दी गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एचएसएससी को अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का निर्देश दिया।
सरकार के फैसले के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने गुरुवार को फेसबुक पर खुद इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि काफी अभ्यर्थियों की लगातार मांग चल रही थी कि इस बार सीईटी की परीक्षा तीन साल देरी से हुई है, जिस कारण पुलिस की भर्ती में शामिल होने के लिए उनकी आयु अधिक हो गई। इसलिए उन्हें राहत दी जानी चाहिए। प्रदेश सरकार ने ऐसी मांग करने वाले सभी युवाओं को राहत प्रदान कर दी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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