उज्जैन में रंगपंचमी की गेर में उमड़ा आस्था और उत्साह का सागर मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल का किया पूजन
रंगपंचमी का पर्व उज्जैन में हर साल खास उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस बार भी शहर में पारंपरिक गेर और धार्मिक आयोजनों ने पूरे माहौल को भक्ति और रंगों से भर दिया। सुबह से ही मंदिरों में पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचकर पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
बाबा महाकाल के दरबार में किया विशेष पूजन
रंगपंचमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने महाकाल मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल का पूजन अर्चन और अभिषेक किया। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में इस दौरान भक्ति का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
गेर निकलने से पहले मुख्यमंत्री ने पारंपरिक ध्वजा का पूजन किया। इसके बाद अखाड़े के शस्त्रों की भी विधि विधान से पूजा की गई। इस दौरान उन्होंने शस्त्र संचालन और प्रदर्शन भी किया जिससे आयोजन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया।
गेर में झांकियों और बैंड की शानदार प्रस्तुति
उज्जैन में निकली रंगपंचमी की गेर ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। गेर में कई आकर्षक झांकियां शामिल की गईं जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा। ताशा ढोल और बैंड की धुनों पर नृत्य दलों ने शानदार प्रस्तुति दी जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।
इंदौर के प्रसिद्ध राजकुमार बैंड की प्रस्तुति भी इस आयोजन का खास आकर्षण रही। बैंड की धुनों पर लोग झूमते नजर आए और पूरे शहर में उत्साह का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री के लिए गेर में विशेष वाहन की व्यवस्था की गई थी ताकि वे पूरे आयोजन का हिस्सा बन सकें।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल के साथ साथ 14 फायर ब्रिगेड वाहनों को भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के चलते आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
शहर के अलग अलग इलाकों में भी मनाई गई रंगपंचमी
रंगपंचमी के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
गोपाल मंदिर क्षेत्र में सुबह से मालवी रापट रोलिया का आयोजन हुआ जिसमें देसी टमाटर मुल्तानी मिट्टी और फूलों के रंगों से होली खेली गई। इस आयोजन में मथुरा वृंदावन जैसी पारंपरिक होली का आनंद देखने को मिला।
कहारवाड़ी इलाके में शाम के समय छड़ीमार होली का आयोजन किया गया जिसमें महिलाएं हाथ में छड़ियां लेकर युवाओं के पीछे दौड़ती नजर आईं। यह अनोखी परंपरा लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी रही।
देवासगेट इलाके में कड़ाव वाली छपाक होली खेली गई जो अपने अलग अंदाज के लिए जानी जाती है। वहीं बसंत विहार में सांस्कृतिक मंच द्वारा शाम के समय 251 लीटर दूध की ठंडाई वितरित कर उत्सव का समापन किया गया।
इस तरह रंगपंचमी का पर्व पूरे शहर में धार्मिक आस्था सांस्कृतिक परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया और लोगों ने मिलकर इस त्योहार की खुशी साझा की।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

टिप्पणियां