गर्भावस्था के दौरान योग क्यों है जरूरी? जानिए इसके बड़े फायदे
नई दिल्ली। गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का बहुत खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। ऐसे में मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। गर्भावस्था के दौरान हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद साबित होता है।
गर्भावस्था के दौरान योग करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में मदद करता है। इस समय हार्मोनल बदलावों की वजह से कई महिलाओं को बेचैनी, घबराहट या मूड स्विंग जैसी समस्याएं होने लगती हैं। नियमित रूप से योग और प्राणायाम करने से मन शांत रहता है और मानसिक संतुलन बना रहता है। इसके अलावा, योग से नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। गर्भावस्था में अक्सर महिलाओं को ठीक से नींद नहीं आती, लेकिन हल्के योग अभ्यास और श्वास तकनीकों से शरीर को आराम मिलता है और अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
योग गर्भवती महिलाओं के शरीर को प्रसव के लिए भी तैयार करता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से योग करती हैं, उनमें सामान्य प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही प्रसव के समय लगने वाली अवधि भी कम हो सकती है और प्रसव पीड़ा भी अपेक्षाकृत कम महसूस होती है। योग के कुछ विशेष आसन पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे डिलीवरी के समय शरीर बेहतर तरीके से सहयोग करता है। यही वजह है कि कई अस्पतालों और मातृत्व केंद्रों में भी गर्भवती महिलाओं को योग करने की सलाह दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली आम समस्याओं जैसे कमर दर्द, शरीर में दर्द और थकान से राहत पाने में भी योग काफी मददगार साबित होता है। जैसे-जैसे गर्भ बढ़ता है, शरीर का वजन और दबाव भी बढ़ता है, जिससे कमर और पीठ में दर्द होने लगता है। नियमित योग करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं, जिससे इन परेशानियों में काफी राहत मिलती है। इसके अलावा योग उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक होता है।
योग का असर सिर्फ मां तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका फायदा गर्भ में पल रहे शिशु को भी मिलता है। जब मां मानसिक रूप से शांत और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहती है तो इसका सकारात्मक असर बच्चे के विकास पर पड़ता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान योग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई भी कठिन या नया आसन नहीं करना चाहिए। हमेशा हल्के और सुरक्षित योग अभ्यास ही करने चाहिए और शरीर पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहिए।
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