एक विवाह ऐसा भी : 3 फीट की दुल्हन और 4 फीट के दूल्हे ने रचाई शादी
विदिशा। मध्यप्रदेश के सिरोंज गांव के नयापुरा क्षेत्र में रहने वाली रेणुका नामदेव की लंबाई मात्र 3 फीट 8 इंच है। अपनी इस शारीरिक बनावट के कारण रेणुका शादी नहीं करना चाहती थीं, लेकिन जब उनकी मुलाकात महाराष्ट्र के अकोला निवासी प्रतीक धानुका से हुई तो वह अपनी नई जिंदगी शुरू करने के लिए राजी हो गईं। रेणुका नामदेव का कहना है कि वह किसी पर बोझ और किसी के लिए शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने शादी न करने का फैसला किया था। वह नहीं चाहती थीं कि उनकी शारीरिक बनावट के कारण किसी को परेशानी का सामना करना पड़े, हालांकि जब उनकी मुलाकात प्रतीक धानुका से हुई तो वह खुशी-खुशी शादी के लिए तैयार हो गईं। रेणुका नामदेव के परिवार को अपनी बेटी के लिए एक समझदार और अच्छे स्वभाव वाले जीवनसाथी की तलाश थी।
वहीं, महाराष्ट्र के अकोला निवासी प्रतीक धानुका के परिवार को भी संस्कारी और समझदार लड़की की उम्मीद थी। रेणुका की लंबाई मात्र 3 फीट 8 इंच और प्रतीक की लंबाई 4 फीट 2 इंच है। इसी वजह से दोनों को अपने लिए उपयुक्त जीवनसाथी चुनने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दोनों के परिवार वालों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और बातचीत शुरू की। विचार मिले, स्वभाव मिला और धीरे-धीरे यह रिश्ता मजबूत होता गया। प्रतीक फिलहाल पुणे की एक कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि रेणुका ने एम.ए. तक अपनी पढ़ाई पूरी की है। दोनों परिवारों की सहमति से यह विवाह संपन्न हुआ। अकोला में आयोजित उनके रिसेप्शन समारोह में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और मित्रगण शामिल हुए। सभी ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। आज इस अनोखे विवाह की शहरभर में चर्चा हो रही है। यह जोड़ी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। प्रेम, विश्वास और समझदारी हो तो कोई भी बाधा रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। यह विवाह इसका जीवंत उदाहरण है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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