थाने के बाहर एंबुलेंस में एक घंटे तक तड़पता रहा घायल युवक, मौत
उदयपुर,। उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में मानवता और व्यवस्था दोनों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। लूट के दौरान चाकू से गंभीर रूप से घायल हुए 32 वर्षीय प्रेम गमेती की इलाज में कथित लापरवाही और थाने में रिपोर्ट दर्ज करने में देरी के कारण मौत हो गई। घायल युवक ने एंबुलेंस में तड़पते हुए बार-बार कहा कि जल्द अस्पताल ले चलो, मैं मर जाऊंगा, लेकिन उसकी हालत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।
सूचना के बाद परिजन और पुलिस प्रेम को पहले सेटेलाइट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे गंभीर हालत में सरकारी एमबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। एमबी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसके घावों पर टांके लगाए और पट्टी की।
इसके बाद डॉक्टरों ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने जाने की बात कही। घायल प्रेम को एंबुलेंस से सवीना थाने लाया गया, जहां वह करीब एक घंटे तक एंबुलेंस में दर्द से कराहता रहा, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। हालत बिगड़ने पर जब उसे दोबारा एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान प्रेम गमेती ने दम तोड़ दिया।
प्रेम की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए डॉक्टरों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज और तुरंत अस्पताल ले जाया जाता तो प्रेम की जान बच सकती थी। परिवार ने मृतक के लिए मुआवजे, दोषी डॉक्टरों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सवीना थानाधिकारी लादूराम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला लूट का प्रतीत होता है। बदमाशों ने लूट की नीयत से युवक पर चाकू से हमला किया। आरोपितों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। थाने के बाहर एंबुलेंस में घायल इतनी देर तक तपड़ता रहा, इस बारे में पुलिस का कोई बयान सामने नहीं आया है।
इधर, एमबी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन ने बताया कि इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी जांच के लिए डॉ. अखिलेश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति आज शाम तक रिपोर्ट सौंपेगी। मृतक पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ के बयान भी लिए जाएंगे। घटना को लेकर पुलिस और चिकित्सा दोनों व्यवस्थाओं की संवेदनाओं को लेकर शहर भर में सवाल उठ रहे हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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