फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर महिलाओं और ज्वैलर से लाखों की ठगी करने वाली ईरानी गैंग पर पुलिस का शिकंजा
जोधपुर। शहर में गत दो साल में महिलाओं के साथ ज्वैलर से लाखों की ठगी करने वाली ईरानी गैंग को पुलिस मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लाई है। यह लोग फर्जी पुलिस अधिकारी बन कर वारदात को अंजाम देते थे। पूर्व में दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। अब दो और लोगों को पुलिस मध्यप्रदेश […]
जोधपुर। शहर में गत दो साल में महिलाओं के साथ ज्वैलर से लाखों की ठगी करने वाली ईरानी गैंग को पुलिस मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लाई है। यह लोग फर्जी पुलिस अधिकारी बन कर वारदात को अंजाम देते थे। पूर्व में दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। अब दो और लोगों को पुलिस मध्यप्रदेश से लेकर आई है।
यह लोग गैंगस्टर एक्ट में एमपी जेल में बंद थे। जोधपुर में महामंदिर, सरदारपुरा और सदर बाजार थाना क्षेत्र में वारदातें करने के बाद फरार हो गए थे। बीकानेर में भी गैंग के लोग पकड़े जा चुके है।
सदर बाजार थानाधिकारी सुरेश पोटलिया ने बताया कि साल 2021 में शहर के घोड़ों का चौक में एक ज्वैलर नागौर के रोल निवासी रविंद्र सोनी पुत्र माणकचंद सोनी को दो तीन लोगों ने फर्जी अफसर बनकर ठगी करते हुए उसको झांसे में लेकर छह लाख रुपयों से भरे दो बंडल लेकर चंपत हो गए थे।
बैग चेक करने के बहाने बातों में उलझाकर रकम को उड़ायी थी। जिस बारे में सदर बाजार थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था।
थानाधिकारी पोटलिया ने बताया कि प्रकरण की तफ्तीश करते हुए ईरानी गैंग के दो लोगों उत्तरप्रदेश के ठाकुरगंज लखनऊ हाल मध्यप्रदेश भोपाल रेलवे स्टेशन के पास में रहन वाले अबु हैदर उर्फ बागर पुत्र हाजी अली एवं मेहंदी हसन पुत्र राहत अली को पकड़ा गया है।
इस प्रकरण से जुड़े दो लोगों को साल 2022 में पकड़ा गया था। मगर इन लोगों का नाम भी सामने आया था। जिन्हें पुलिस अब मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लाई है।
थानाधिकारी सुरेश पोटलिया ने बताया कि बीकानेर की नोखा पुलिस ने ईरानी गैंग को पकड़ा था। अब पकड़े गए उक्त बदमाश वाराणसी में समाज विरोधी क्रियाकलापों में गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद थे। यह लोग साल भर से जेल में है। उन्हेें प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। ज्वैलर से छह लाख की धोखाधड़ी का खुलासा इन लोगों से हुआ है।
फर्जी पुलिस अफसर बनकर गैंग के लोग बुजुर्ग महिलाओं का अपना निशाना बनाते थे। मंदिर आते जाते बुजुर्ग महिलाओं को ये लोग फर्जी पुलिस अधिकार बनकर गहने उतरवा कर रखे लेते और बाद में पोटली में कंकड़पत्थर उालकर दे देते थे। बता दें कि सरदारपुरा और महामंदिर में ऐसे तीन प्रकरण दर्ज हो चुके है।
गैंग का अंदाज इतना शातिराना होता है कि एक व्यक्ति बैग की तलाशी में लगता है तो दूसरा पास में मौजूद कहता है कि साब पहले मेरा बैग देखो। ताकि सामने वाले को लगे कि यह वाकई में पुलिस वाला है। ऐसे में वह भी बैग या सामान चेक करवा देता है, फिर यह लोग कारस्तानी करते है।
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