चैत्र नवरात्रि 2026: अष्टमी पर महासंयोग इस एक दिन का कन्या पूजन बदल देगा, किस्मत मां दुर्गा देंगी भरपूर आशीर्वाद

चैत्र नवरात्रि का पावन समय हर घर में भक्ति और आस्था की रोशनी लेकर आता है। इस साल का नवरात्रि पर्व और भी खास माना जा रहा है क्योंकि अष्टमी तिथि पर बेहद शुभ संयोग बनने जा रहा है जो भक्तों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है।
अष्टमी और नवमी का सबसे अधिक महत्व
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों मां दुर्गा स्वयं धरती पर विराजमान होती हैं और अपने भक्तों की सच्चे मन से की गई प्रार्थना को स्वीकार करती हैं।
ये भी पढ़ें यजुर्वेद 40वाँ अध्याय, प्रथम मंत्र: अहंकार और ईर्ष्या से मुक्त होकर सम्मान और प्रेम का मार्गइसी कारण इन तिथियों पर पूजा और भक्ति का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
26 मार्च को पड़ेगी अष्टमी और बनेगा खास योग
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो चुकी है और यह 27 मार्च तक चलेगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जा रही है। इस बार अष्टमी तिथि 26 मार्च को पड़ रही है और खास बात यह है कि इस दिन गुरुवार का दिन है जिसे मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है। ऐसे में इस दिन किया गया कन्या पूजन बेहद शुभ फल देने वाला माना जा रहा है।
कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
कन्या पूजन के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सुबह 7 बजे तक का समय सबसे उत्तम माना गया है। यदि इस समय पूजा संभव न हो तो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक भी शुभ समय रहेगा। इस दौरान विधि विधान से की गई पूजा भक्तों को विशेष फल प्रदान करती है और घर में सुख समृद्धि लाती है।
इस उम्र की कन्याओं को करें शामिल
कन्या पूजन में 2 वर्ष से लेकर 9 वर्ष तक की कन्याओं को शामिल किया जाता है। इन कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। इसके साथ एक छोटे बालक को बटुक भैरव के रूप में पूजना भी आवश्यक माना गया है। बिना बटुक भैरव के यह पूजा अधूरी मानी जाती है।
पूजन के बाद जरूर दें यह उपहार
पूजा के बाद कन्याओं को आदर के साथ भोजन कराया जाता है और उन्हें चुनरी श्रृंगार का सामान या अन्य उपहार देकर विदा किया जाता है। ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है।
सच्चे मन से किया गया कन्या पूजन न केवल नवरात्रि को सफल बनाता है बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति भी लेकर आता है। चैत्र नवरात्रि का यह पावन पर्व हर भक्त के लिए एक खास अवसर होता है। अगर इस दिन पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा की जाए तो मां दुर्गा की कृपा जीवन को सुख और समृद्धि से भर देती है।
Disclaimer
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी पूजा या विधि को करने से पहले अपने श्रद्धा और परंपरा के अनुसार निर्णय लें।
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