करोड़ों के निवेश घोटाले के आरोपी को फिलहाल राहत नहीं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने टाली जमानत अर्जी पर सुनवाई
--बैंक को फर्म के खाते का ब्योरा विवेचक को देने का आदेश, --उपाध्यक्ष पी डी ए को निर्देश याची की बीबी की दस दूकानों का बैनामा विवेचना अधिकारी को सौंपे

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शाखा प्रबंधक इंदुसिंड बैंक जानसेनगंज प्रयागराज को निर्देश दिया है कि राउंड पे टेक्नो मीडिया ओ पी सी प्रा लि के खाते का ब्योरा विवेचना अधिकारी को उपलब्ध करायें। ताकि पता चल सके कि फर्म के डायरेक्टर कौन है और खाते का संचालन कौन कर रहा है। और उसमें घपले के आरोपित याची की भूमिका क्या है, इसका पता लग सके।
सरकारी वकील ने बताया कि आरोपित याची की पत्नी अंजुम के नाम प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने दस दूकानों का बैनामा किया है। इस पर कोर्ट ने पी डी ए के उपाध्यक्ष को सभी बैनामों की कापी भी विवेचना अधिकारी को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि पता चल सके कि कितना रुपया खर्च किया गया है।
सरकारी वकील ने यह भी बताया कि मोहम्मद आदिल वासी के खाते में निवेशकों के 40 करोड़ रूपये जमा थे । जिसमें से 25 करोड़ रूपये राउंड पे टेक्नो मीडिया प्रा लि के खाते में स्थानांतरित कर दिए गये। जिसकी जांच चल रही है। कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को तलब किया था। अगली सुनवाई की तिथि 4 अप्रैल को दुबारा बुलाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने मोहम्मद आसिफ की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां