13 फरवरी से कुंभ राशि में 'त्रिग्रही महासंयोग': शुक्र-राहु की युति में सूर्य का प्रवेश, बदलेगा इन राशियों का भाग्य
100 साल बाद बन रहा है दुर्लभ 'लंपट योग' और 'शुक्रादित्य योग' का संगम; अचानक धन लाभ और करियर में बड़े उछाल के संकेत
ब्रह्मांड के गर्भ में छिपे रहस्यों और ग्रहों की बदलती चाल ने एक बार फिर ज्योतिषियों और खगोल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आगामी 13 फरवरी 2026 से आकाश मंडल में एक ऐसी घटना घटने जा रही है, जो सदियों में एक बार होती है। सुख-ऐश्वर्य के देवता शुक्र और मायावी ग्रह राहु की युति कुंभ राशि में पहले से बनी हुई है, लेकिन अब इसमें 'ग्रहों के राजा' सूर्य का प्रवेश होने जा रहा है। 13 फरवरी को सूर्य के कुंभ राशि में आते ही यहाँ 'त्रिग्रही महायोग' का निर्माण होगा, जो 1 मार्च तक पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब विलासिता के कारक शुक्र और भ्रम के कारक राहु एक साथ आते हैं, तो 'लंपट योग' बनता है। यह योग इंसान के भीतर भौतिक सुखों और शॉर्टकट से पैसा कमाने की इच्छा को तीव्र कर देता है। वहीं, जब सूर्य और शुक्र मिलते हैं, तो 'शुक्रादित्य योग' बनता है, जो व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान, पद और प्रतिष्ठा दिलाता है। लेकिन यहाँ राहु की उपस्थिति सूर्य के साथ 'ग्रहण दोष' भी पैदा करेगी, जो सत्ता के गलियारों और बड़े राजनेताओं के लिए तनावपूर्ण स्थितियाँ पैदा कर सकता है।
ये भी पढ़ें मुज़फ्फरनगर में शादी की खुशियां मातम में बदली: साले की शादी में जा रहे युवक की सड़क हादसे में मौतवैश्विक और राजनीतिक प्रभाव: इस त्रिग्रही योग के कारण सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मनोरंजन जगत (बॉलीवुड) से जुड़ी कोई बड़ी और विवादास्पद खबर सामने आ सकती है। साथ ही, सूर्य-राहु की युति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
राशियों पर कैसा होगा असर?
-
मेष (Aries): आपके लिए यह समय वरदान जैसा है। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है और शेयर बाजार से अप्रत्याशित लाभ की संभावना है।
-
वृष (Taurus): कार्यक्षेत्र में प्रमोशन के योग हैं। अगर आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है।
-
मिथुन (Gemini): धार्मिक यात्रा के योग हैं। किस्मत का भरपूर साथ मिलेगा और अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे।
-
सिंह (Leo): पार्टनरशिप में विवाद हो सकता है। जीवनसाथी की सेहत का ख्याल रखें और निवेश में सावधानी बरतें।
-
कुंभ (Aquarius): इसी राशि में यह योग बन रहा है। मानसिक भ्रम से बचें, लेकिन कला और रचनात्मक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी।
सावधानी और ज्योतिषीय सलाह: इस अवधि में झूठ बोलने, अनैतिक कार्यों और गुप्त संबंधों से बचना चाहिए, अन्यथा राहु का नकारात्मक प्रभाव भारी पड़ सकता है।
-
विशेष उपाय: प्रतिदिन 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें। शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं (चावल, चीनी) का दान करें और शनिवार को कुत्तों को तेल लगी रोटी खिलाएं।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के प्रमुख ज्योतिषविद संजय सक्सेना पिछले 25 वर्षों से 'शिवालिक राशिरत्न केंद्र' के माध्यम से ज्योतिष, वास्तु और रत्न विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। संजय जी को ज्योतिष की गहन और प्रामाणिक शिक्षा वेदपाठी भवन के विख्यात विद्वान प्रियशील चतुर्वेदी (रतन गुरु) जी के सानिध्य में प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि उनके गुरु रतन गुरु जी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व कुलपति एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय सीता राम चतुर्वेदी जी के सुपुत्र हैं, जिससे संजय सक्सेना जी को एक अत्यंत समृद्ध और विद्वान गुरु-परंपरा का लाभ मिला है।
संजय सक्सेना जी की सबसे बड़ी विशेषज्ञता 'प्रश्न लग्न' में है। ज्योतिष की यह एक ऐसी विधा है जिसमें बिना जन्म कुंडली के भी जातक की तात्कालिक समस्याओं का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। अपनी इस विशेषज्ञता और ढाई दशकों के अनुभव के आधार पर वे न केवल सटीक भविष्यवाणी करते हैं, बल्कि वास्तु और रत्नों के माध्यम से प्रभावी समाधान भी प्रदान करते हैं। उनकी पारखी नज़र और शास्त्रीय ज्ञान ने उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विश्वसनीय ज्योतिषियों में शामिल किया है। ज्योतिषीय परामर्श, वास्तु ज्ञान या शुद्ध रत्नों की जानकारी हेतु उनसे मोबाइल नंबर 9837400222 पर संपर्क किया जा सकता है।

टिप्पणियां