मुजफ्फरनगर। भारत सरकार और अमेरिका के बीच हुए कृषि व्यापार समझौते के विरोध में गुरुवार को मुजफ्फरनगर की सड़कों पर किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय का जोरदार घेराव किया। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसानों ने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि यह समझौता पूरी तरह किसान विरोधी है। वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका से कृषि उत्पाद आयात होने पर स्थानीय किसानों की कमर टूट जाएगी और देश की कृषि व्यवस्था कमजोर होगी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि विदेशी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस समझौते पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की।
आंदोलन के अगले चरण में, भारतीय किसान यूनियन की ग्राम इकाइयों ने ‘हमारा खेत-हमारा अधिकार’ अभियान के तहत अपने-अपने खेतों में पहुंचकर विरोध जताया। किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से समझौते की प्रतियों को जलाकर यह संदेश दिया कि वे अपनी जमीन और फसल पर किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे। नवीन राठी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसान संगठनों से संवाद कर इस समझौते को रद्द नहीं किया, तो आगामी दिनों में देशभर में बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान योगेश शर्मा, शाहिद आलम, गुलबहार राव सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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