महापुरुषों का व्यवहार
संसार में जितने भी महापुरूष हुए हैं, उनके जीवन को देखो तो पता लगेगा कि महापुरूष बड़े विनम्र होते हैं। अपने ज्ञान, विद्या और योग्यता के प्रदर्शन की चाह उनमें नहीं होती, बल्कि जैसे-जैसे उनमें गुणों की वृद्धि होती जाती है, वैसे-वैसे उनमें विनम्रता बढ़ती जाती है। एक बार महात्मा गांधी एक स्थान पर भाषण […]
संसार में जितने भी महापुरूष हुए हैं, उनके जीवन को देखो तो पता लगेगा कि महापुरूष बड़े विनम्र होते हैं। अपने ज्ञान, विद्या और योग्यता के प्रदर्शन की चाह उनमें नहीं होती, बल्कि जैसे-जैसे उनमें गुणों की वृद्धि होती जाती है, वैसे-वैसे उनमें विनम्रता बढ़ती जाती है।
उसने उन्हें सब्जी काटने और पानी लाने की आज्ञा दी। उन्होंने सहर्ष वह कार्य सेवा समझकर कर दिया। आयोजक को जानकारी होने पर अपने व्यवहार पर पश्चाताप हुआ और क्षमा मांगी, किन्तु गांधी जी के व्यवहार में किंचित भी अंतर नहीं आया।
ऐसे महापुरूषों से हमें भी शिक्षा लेनी चाहिए। देखो समुद्र में अनेक नदियां आकर मिलती हैं, परन्तु समुद्र शांत रहता है, उसमें बाढ नहीं आती। आप भी गम्भीर और विनम्र बनो। विद्या, धन, वैभव, उच्च पदवी, मान और सम्मान पाकर फूल मत जाओ। अपनी मर्यादा में रहना सीखो।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां