इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला: 400 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक, तेल डिपो तबाह
तेल अवीव। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में 400 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और हथियार बनाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजराइली रक्षा बल (आईडीएएफ) के मुताबिक, वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में कई बड़े हमले किए। इस दौरान मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियों, हथियार भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। आईडीएफ के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के तहत की जा रही है। इस ऑपरेशन के दौरान इजराइली वायुसेना अब तक सैकड़ों स्ट्राइक मिशन पूरा कर चुकी है।
ये भी पढ़ें मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 91.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा ब्रेंट क्रूड वहीं, ईरान की राहत संस्था ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतें नष्ट हो गई हैं। संगठन के अनुसार अब तक 9,669 नागरिक इकाइयां पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। संस्था द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7,943 रेसिडेंशियल और 1,617 कमर्शियल बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। रेड क्रिसेंट का कहना है कि इन हमलों से देश के कई शहरों में आम लोगों के घर और व्यापारिक ढांचे पूरी तरह तहस-नहस हो गए हैं। इससे पहले भी संगठन ने बताया था कि हजारों घरों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। ईरान की राजधानी तेहरान के 3 तेल भंडारण ठिकानों पर इजरायली ने हमला किया था।
जिसके बाद आसमान काले धुएं से पट गया। इसे लोगों की सेहत के लिहाज से भी काफी गंभीर माना जा रहा है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने तेल प्लांट में धमाकों के बाद जहरीली बारिश के खतरे की चेतावनी दी है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने आम लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। सोसाइटी ने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है। ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है। टेलीग्राम पोस्ट में, एजेंसी ने निर्देश दिए कि धमाकों के बाद हुई बारिश के दौरान किसी भी हालत मे अपने घर से न निकलें। अगर बाहर हैं, तो तुरंत कंक्रीट या मेटल की छतों के नीचे पनाह लें और पेड़ों के नीचे पनाह लेने से बचें। वहीं, अगर बारिश स्किन के संपर्क में आती है, तो किसी भी हालत में प्रभावित जगह को रगड़ें नहीं और उसे सिर्फ ठंडे पानी से धोएं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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