गर्भावस्था में मां और शिशु के लिए बेहद फायदेमंद है शरीफा, कब्ज, कमजोरी और तनाव से देता है राहत
नई दिल्ली। गर्भावस्था महिला के जीवन की एक बहुत संवेदनशील और आनंदमय स्टेज होती है। इस दौरान मां का शरीर केवल अपनी ही नहीं, बल्कि गर्भ में विकसित हो रहे शिशु की जरूरतों को भी पूरा करता है। ऐसे में आहार को लेकर कई सवाल स्वाभाविक रूप से मन में आते हैं- क्या खाना चाहिए, कितना खाना चाहिए और ऐसा कौन-सा भोजन लिया जाए जो मां को ऊर्जा दे तथा शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सही विकास में सहायक हो।
आयुर्वेद के अनुसार शरीफा वात को शांत करता है। गर्भावस्था में वात बढ़ने से पेट दर्द, गैस, बेचैनी और नींद की कमी जैसी समस्याएं होती हैं। शरीफा का गूदा पेट में जाकर ठंडक देता है, आंतों को मुलायम बनाता है और पाचन को सहज करता है। विज्ञान भी कहता है कि शरीफा में भरपूर फाइबर होता है, जो कब्ज को दूर करता है। गर्भावस्था में कब्ज एक आम समस्या है, और शरीफा इसे बिना दवा के ठीक करने में मदद करता है। शरीफा में विटामिन बी6 पाया जाता है, जो गर्भावस्था के लिए बहुत जरूरी होता है। यह विटामिन बच्चे के दिमाग के विकास में मदद करता है। साथ ही, यह मां के मूड को भी संतुलित करता है। गर्भावस्था में हार्मोन बदलते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है। शरीफा इन भावनात्मक उतार-चढ़ाव को शांत करने में मदद करता है। विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीफा को और खास बनाते हैं। ये तत्व मां की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
इसका मतलब है कि मां का शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। जब मां स्वस्थ रहती है, तो बच्चा भी सुरक्षित रहता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की अंदरूनी सफाई करते हैं, जिससे खून साफ रहता है और बच्चे तक साफ पोषण पहुंचता है। शरीफा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं। आयरन खून बनाने में मदद करता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों की नींव मजबूत करता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक होता है। ये सभी तत्व मिलकर मां के शरीर को संतुलन में रखते हैं और बच्चे के विकास को सही दिशा देते हैं।
