महंगे कॉस्मेटिक्स छोड़िए, रंजक पित्त के ठीक होने से बढ़ेगा चेहरे का निखार, जानिए आयुर्वेद की राय
नई दिल्ली। जब भी चेहरे के निखार की बात आती है, तो हम सबसे पहले क्रीम, सीरम, फेस पैक और पार्लर के महंगे ट्रीटमेंट के बारे में सोचते हैं। लेकिन, आयुर्वेद की राय इससे बिल्कुल अलग है। आयुर्वेद कहता है कि असली सुंदरता बाहर से नहीं, बल्कि शरीर के अंदर से आती है, खासकर हमारे लिवर यानी यकृत से। आयुर्वेद के अनुसार, चेहरे की रंगत, चमक और ताजगी का सीधा संबंध रंजक पित्त से है, जो लिवर और प्लीहा में स्थित होता है।
नतीजा यह होता है कि खून अशुद्ध होने लगता है और शरीर उसे बाहर दिखा देता है, खासकर चेहरे पर। इसलिए सिर्फ क्रीम लगाने से असली समस्या दूर नहीं होती। आयुर्वेद की मानें तो रंजक पित्त को शांत और मजबूत करने के लिए आहार सबसे अहम भूमिका निभाता है। आंवला, अनार, चुकंदर, मुनक्का और नारियल पानी जैसे खाद्य पदार्थ खून को साफ करते हैं और लिवर को ताकत देते हैं। गिलोय, भृंगराज और भूमि आंवला जैसी जड़ी-बूटियां लिवर टॉनिक की तरह काम करती हैं। साथ ही गुस्से और तनाव को नियंत्रित करना भी जरूरी है, क्योंकि ज्यादा क्रोध सीधे लिवर को प्रभावित करता है।
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