सुबह का नाश्ता करना क्यों है जरूरी? नजरअंदाज करने से कई नुकसान
नई दिल्ली। सुबह का नाश्ता सिर्फ भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि पूरे दिन की सेहत और ऊर्जा का सबसे बड़ा आधार है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग सुबह का नाश्ता नियमित रूप से करते हैं, वे दिनभर ज्यादा सक्रिय, तरोताजा रहते हैं। नाश्ता छोड़ने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है, जिससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। नेशनल हेल्थ मिशन बताता है कि सुबह का नाश्ता क्यों जरूरी है, रातभर के लंबे उपवास के बाद शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है। सुबह का नाश्ता इस कमी को पूरा करता है और शरीर को तुरंत एनर्जी देता है।
इससे मेटाबॉलिज्म तेजी से सक्रिय हो जाता है, जो पूरे दिन कैलोरी जलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। अगर नाश्ता नहीं किया जाए, तो मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। नाश्ता करने से मूड भी अच्छा रहता है। सुबह पौष्टिक भोजन लेने से सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हार्मोन बेहतर तरीके से काम करते हैं, जिससे व्यक्ति तनावमुक्त, खुश और एनर्जेटिक महसूस करता है। वहीं नाश्ता छोड़ने से चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी का अहसास होता है। वजन नियंत्रण के लिए भी सुबह का नाश्ता बहुत फायदेमंद है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग नाश्ता करते हैं, उनमें मोटापे का खतरा काफी कम होता है। नाश्ता छोड़ने पर दिन में ज्यादा भूख लगती है और लोग ज्यादा खाने लगते हैं, खासकर जंक फूड की ओर रुझान बढ़ता है।
नाश्ता दिमाग के लिए भी वरदान है। यह एकाग्रता, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वालों के लिए सुबह का पौष्टिक नाश्ता बेहद जरूरी है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर चीजें जैसे दूध, फल, ओट्स, दलिया, उपमा, पोहा, इडली, पराठा, नट्स आदि शामिल करने चाहिए। नाश्ता न करने से थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। एकाग्रता और याददाश्त में कमी मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ना और वजन बढ़ने के साथ ही एसिडिटी, सिरदर्द और चक्कर आना भी शामिल है। इससे दिनभर चिड़चिड़ापन और तनाव के साथ शुगर लेवल भी अनियंत्रित हो सकता है।
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