मुजफ्फरनगर में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा प्रहार: होटलों और फैक्ट्रियों से मुक्त कराए 8 किशोर, 6 मालिकों पर मुकदमे की तैयारी
डीएम के आदेश पर सड़कों पर उतरी संयुक्त टीम; बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर में छापेमारी से मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर। जनपद में मासूमों के हाथों से औजार छीनकर उन्हें किताबें थमाने के संकल्प के साथ प्रशासन ने बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के सख्त आदेशों के अनुपालन में सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में एक विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। श्रम विभाग, एएचटीयू पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी कर 8 किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया। इस दौरान बच्चों से मजदूरी कराने वाले 6 सेवायोजकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह व शालू राणा और मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) के प्रभारी जय सिंह भाटी के नेतृत्व में टीम ने साईं धाम जानसठ रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, भोपा रोड, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन निरीक्षण किया। टीम को देखते ही कई दुकानदार और वर्कशॉप मालिक बच्चों को छुपाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए काम कर रहे बच्चों को रेस्क्यू किया। सहायक श्रम आयुक्त ने चेतावनी दी कि 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों से काम कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत एक गंभीर अपराध है।
"औजार नहीं, किताबों पर है बच्चों का हक"
अभियान के दौरान अधिकारियों ने जनता और व्यापारियों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों का पहला अधिकार शिक्षा है। ग्रामीण समाज विकास केंद्र के गजेंद्र सिंह ने सरकार के 'स्कूल चलो अभियान' पर जोर देते हुए कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है जिसे समाज के सहयोग के बिना समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आह्वान किया कि पढ़ने की उम्र में बच्चों को होटलों या फैक्ट्रियों में भेजने के बजाय स्कूलों की ओर प्रेरित करें। इस सफल अभियान में एएचटीयू से उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन से सचिन व सागर और विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मलिक सहित भारी पुलिस बल का विशेष सहयोग रहा।
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मीडिया और विज्ञापन जगत का 23 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले रामनिवास कटारिया 'रॉयल बुलेटिन' की व्यावसायिक और संपादकीय टीम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 'अमर उजाला' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में विज्ञापन प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, श्री कटारिया पिछले 10 वर्षों से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में विज्ञापन प्रभारी की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वे शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों) और औद्योगिक इकाइयों (उद्योगों) की विशेष रिपोर्टिंग भी करते हैं। विज्ञापन संबंधी परामर्श और औद्योगिक/शैक्षणिक खबरों के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 7017986469 पर संपर्क कर सकते हैं।

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