मोबाइल ने उजाड़ दी दुनिया, पति ने नहीं की मांग पूरी तो पत्नी ने उठा लिया इतना बड़ा कदम, अनाथ हो गया मासूम !
ममता की छांव से दूर हुआ दो साल का वंश, खौफनाक मंजर देख सहम गया मासूम
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। आज के डिजिटल युग में एक मोबाइल फोन किसी की जिंदगी छीन सकता है, इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण मीरापुर के ग्राम खेड़ी सराय में देखने को मिला। एक छोटे से मोबाइल की जिद ने न केवल एक सुहागन का सिंदूर पोंछ दिया, बल्कि एक दो साल के मासूम बच्चे के सिर से ममता का साया भी हमेशा के लिए छीन लिया। जिस मोबाइल से लोग अपनों को जोड़ते हैं, उसी की मांग पूरी न होने पर एक पत्नी ने मौत का रास्ता चुनकर हंसता-खेलता संसार उजाड़ दिया।
साढ़े तीन हजार किलोमीटर दूर बैठे पति को क्या पता था यह होगा अंजाम
ये भी पढ़ें राहुल गांधी के भाषण पर विवाद, संजय जायसवाल ने स्पीकर को लिखा पत्र, आपत्तिजनक शब्द हटाने की मांगग्राम खेड़ी सराय निवासी आशीष करीब डेढ़ माह पहले अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए ओडिशा गया था। वह वहां कपड़ों की फेरी लगाकर खून-पसीना एक कर रहा था ताकि गांव में बैठी पत्नी राधिका और बेटे वंश को खुश रख सके। गुरुवार शाम राधिका ने फोन पर 10 हजार रुपये के नए मोबाइल की मांग की। आशीष ने अपनी मजबूरी बताते हुए तत्काल दो हजार रुपये भेज दिए और कुछ दिन का समय मांगा। उसे क्या पता था कि ओडिशा की सड़कों पर उसकी मेहनत और यह छोटा सा आश्वासन राधिका को इतना नागवार गुजरेगा कि वह इतना खौफनाक कदम उठा लेगी।
मासूम के सामने मां ने चूमा मौत का फंदा
ये भी पढ़ें भारतीय नौसेना ने रचा इतिहास : भारत ने पहली बार मल्टीनेशनल कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभालीशुक्रवार दोपहर जब घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था, राधिका ने अपनी जान देने का फैसला किया। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि उस समय उसका दो साल का मासूम बेटा 'वंश' पास ही खेल रहा था। अपनी मां को फंदे पर लटकते देख वह मासूम घंटों रोता रहा, चीखता रहा, लेकिन उसकी मां अब उसकी पुकार सुनने के लिए इस दुनिया में नहीं थी। पड़ोस की महिला जब बच्चे के रोने की आवाज सुनकर घर में दाखिल हुई, तो वहां का मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई।
कानूनी कार्रवाई और गांव में मातम
सूचना मिलते ही सीओ जानसठ रूपाली राव और इंस्पेक्टर राजीव शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने जब परिजनों और ग्रामीणों से बात की, तो हर किसी की आंख नम थी। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक

जांच में मामला मोबाइल की मांग को लेकर उपजे विवाद का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल, खेड़ी सराय गांव में मातम पसरा है और हर कोई उस मासूम बच्चे को देखकर सिसक रहा है, जो अब अपनी मां की गोद के लिए तरस गया है।
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लेखक के बारे में
सक्रिय पत्रकार आफ़ताब आलम 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मुज़फ्फरनगर के मीरापुर और रामराज क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। क्षेत्र की खबरों पर पैनी नजर रखने वाले आफ़ताब आलम स्थानीय मुद्दों, जन-समस्याओं और व्यापारिक हलचलों को पूरी निष्पक्षता के साथ प्रमुखता से उठाते हैं। पिछले लंबे समय से वे मीरापुर और रामराज क्षेत्र की जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। क्षेत्र की खबरों और सूचनाओं के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 9319454764 पर संपर्क कर सकते हैं।

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