मुजफ्फरनगर में अमेजन से 'डिजिटल डकैती' करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 6.50 लाख का सोना बरामद, जयपुर के 3 शातिर गिरफ्तार
डिलीवरी बॉय को विश्वास में लेकर पार्सल से निकाल लेते थे सोने के बिस्किट; मुजफ्फरनगर नई मंडी पुलिस ने राजस्थान के ठगों को दबोचा
मुजफ्फरनगर। जनपद की थाना नई मंडी पुलिस ने ई-कॉमर्स दिग्गज 'अमेजन' और डिलीवरी कंपनियों के साथ शातिराना ढंग से धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के जयपुर निवासी तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन सोने के बिस्किट और सिक्के ऑर्डर करते थे और फिर पलक झपकते ही असली माल निकालकर डिलीवरी बॉय को खाली डिब्बा थमा देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए दो सोने के बिस्किट, दो सोने के सिक्के और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 6.50 लाख रुपये है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम (Modus Operandi)
शनिवार को एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और सीओ नई मंडी राजू कुमार साव की मौजूदगी में थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार शर्मा ने घटना का खुलासा किया। पकड़े गए आरोपियों दिनेश कुमार मीना, सूर्या और भूप सिंह (निवासीगण बस्सी, जयपुर) ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए।
- विश्वास जीतना: यह गिरोह किसी गरीब व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम लेकर अलग-अलग शहरों में अमेजन से पहले छोटे-छोटे (1000-2000 रुपये के) चांदी के सिक्के ऑर्डर करता था।
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कैशबैक का लालच डिलीवरी बॉय के आने पर ये उसे झांसा देते थे कि अगर वे पार्सल कैंसिल करके वापस करते हैं, तो उन्हें 1000 रुपये कैशबैक मिलता है। इस कैशबैक में से 500 रुपये वे डिलीवरी बॉय को बतौर रिश्वत दे देते थे।
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बड़ी ठगी: जब दो-तीन बार ऐसा करने से डिलीवरी बॉय को इन पर पूरा भरोसा हो जाता था, तब ये गिरोह अपने साथी अशोक के बैंक खाते से लाखों रुपये के सोने के बिस्किट और सिक्के ऑर्डर करता था।
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हाथ की सफाई: डिलीवरी बॉय के सामने ही बातों में उलझाकर ये पार्सल से सोना निकाल लेते थे और उसे फिर से ऐसे पैक करते थे कि पता न चले। इसके बाद कैशबैक का वही पुराना बहाना बनाकर पार्सल वापस कर देते थे। जब तक कंपनी को चोरी का पता चलता, तब तक रिफंड के पैसे इनके खाते में वापस आ जाते थे।
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मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में सक्रिय था गिरोह विनोद पाल (सुपरवाइजर, एमएस वाटर मेलन कंपनी) की तहरीर पर नई मंडी पुलिस ने जाल बिछाया और मुखबिर की सूचना पर सहावली कट के पास से इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कुबूल किया कि उन्होंने मुजफ्फरनगर के अलावा मेरठ, गोरखपुर और प्रयागराज में भी इसी तरह की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरोह के दो अन्य सदस्य अशोक और हितेश (निवासी दौसा) अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस टीम को 15 हजार का इनाम इस जटिल तकनीकी ठगी का पर्दाफाश करने वाली टीम (प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, गजेन्द्र सिंह, शुभम चौहान, हिमांशु, कुलदीप, अभिषेक और नरेश) को एसएसपी ने उत्साहवर्धन हेतु 15 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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