मुजफ्फरनगर को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने की हुंकार: महिला आयोग सदस्य ने सुनीं फरियाद, 14 मामलों में एक्शन के निर्देश
PWD निरीक्षण भवन में सजी जनसुनवाई की अदालत; महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं, अधिकारियों की लगाई क्लास
मुजफ्फरनगर | मुजफ्फरनगर में महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर राज्य महिला आयोग बेहद गंभीर नजर आ रहा है। बुधवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के निरीक्षण भवन में राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई की। इस दौरान जिले भर से आईं महिलाओं ने अपनी पीड़ा साझा की, जिस पर आयोग सदस्य ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही, उन्होंने जिले को एक सामाजिक कुरीति से पूरी तरह मुक्त करने का बड़ा आह्वान भी किया।
जनसुनवाई में आए 14 मामले, निस्तारण की डेडलाइन तय
PWD गेस्ट हाउस में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान कुल 14 नई शिकायतें आयोग के समक्ष आईं। ये मामले घरेलू हिंसा, शोषण और विभिन्न विभागीय लापरवाहियों से जुड़े थे। सपना कश्यप ने एक-एक फरियादी की बात को धैर्यपूर्वक सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को फाइलें सौंपते हुए निर्देश दिए कि इनका निस्तारण निर्धारित समय के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पूर्व में लंबित पड़े मामलों की भी समीक्षा की और देरी होने पर नाराजगी जाहिर की।
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आयोग सदस्य ने 'बाल विवाह मुक्त भारत' के 100 दिवसीय अभियान का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, "मुजफ्फरनगर को बाल विवाह जैसी कुरीति से मुक्त बनाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि कहीं भी ऐसा मामला संज्ञान में आए, तो तुरंत सूचित करें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
महिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का जायजा
जनसुनवाई के पश्चात सपना कश्यप सीधे जिला महिला चिकित्सालय पहुँचीं। वहां उन्होंने वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से मिल रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान महिला कल्याण, पुलिस, आपूर्ति, श्रम, स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा और कारागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला परिवीक्षा अधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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