पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में रक्सा थाना क्षेत्र में शनिवार की देर शाम खेत पर सोते समय पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर तीन युवकों को हिरासत में ले लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि रक्सा थाना क्षेत्र के नयाकुआं निवासी महेश प्रसाद पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रहा है। उनके के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अंशुल राजपूत ग्राम वाजना में स्थित एक कुएं पर सो रहा था। शनिवार देर शाम सो रहे अंशुल को माथे में किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण और घर के सदस्य वहां पहुंचे। तत्काल उसे मेडिकल कालेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रीति सिंह, सीओ सदर रामवीर सिंह, रक्सा थानाध्यक्ष रुपेश कुमार मय स्टॉफ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों ने बताया कि अंशुल की 10 मार्च को शादी है, जिसकी तैयारी में घर के सदस्य जुटे थे।
मृतक के चाचा सतीश ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी और उसी मुकदमे में अंशुल की गवाही होनी थी। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते अंशुल की हत्या की गई है। अंशुल पर भी एक हत्या का मुकदमा चल रहा था और वह करीब एक साल पहले पेरोल पर जेल से बाहर आया था।
एसएसपी ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर तीन आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। --
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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