बुलंदशहर: मिल प्रबंधन की प्रताड़ना ने ली कर्मचारी की जान; नोट में लिखा- 'घर में आटा तक नहीं, बेटियों का ख्याल रखना'
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 'अनामिका शुगर मिल' के एक कर्मचारी की दर्दनाक मौत ने औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 20 वर्षों से मिल की सेवा कर रहे शरीफ (50) का शव मिलने के बाद परिजनों ने मिल प्रबंधन पर मानसिक शोषण और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के पास से बरामद एक भावुक पत्र ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनके घर में आटा तक नहीं बचा है।
ढाई लाख की रिकवरी और नौकरी से निकालने की धमकी
परिजनों का आरोप है कि शरीफ पर मिल प्रबंधन द्वारा ढाई लाख रुपए जमा करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था। दरअसल, शरीफ मिल से कीटनाशक (पेस्टिसाइड) लेकर किसानों को वितरित करते थे। मिल के अधिकारी नीरज उज्ज्वल पर आरोप है कि वे शरीफ से इन दवाओं के भुगतान की मांग कर रहे थे और भुगतान न होने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे थे। इसी मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के कारण उनकी जान चली गई।
शव सड़क पर रखकर मिल गेट पर हंगामा
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और अनामिका शुगर मिल के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। समाजसेवी रहीस ने बताया कि सारा दोष मिल प्रबंधन का है, जिन्होंने एक ईमानदार कर्मचारी को ऐसी स्थिति में धकेल दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और मृतक के बेटे को सरकारी या मिल में नौकरी दी जाए।
भावुक कर देने वाला अंतिम संदेश
मृतक ने अपने अंतिम पत्र में परिवार और रिश्तेदारों से माफी मांगते हुए अपनी बेटियों की फिक्र जताई है। उन्होंने लिखा, "मेरे बाद मेरी बेटियों का ध्यान रखना, उनका मेरे सिवा कोई नहीं। मैं बहुत मजबूरी में यह कदम उठा रहा हूं।" घर की माली हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने घर में राशन तक न होने की बात स्वीकार की है।
ये भी पढ़ें गूगल से सर्च और कुर्सी बेचने की आड़ में रेकी कर रात में चुराते थे बिजली घर से तार, 5 गिरफ्तारप्रशासनिक आश्वासन और राजनीतिक मोड़
सूचना मिलते ही सीओ सिटी प्रखर पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर राशन उपलब्ध कराया और सरकार पर झूठे विज्ञापनों के जरिए अपनी छवि चमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने मिल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिल चेयरमैन की सफाई
दूसरी ओर, अनामिका शुगर मिल के चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस मामले में मिल मैनेजमेंट का कोई दोष नहीं है। हालांकि, उन्होंने मानवीय आधार पर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।
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