पुलिस की स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई: दबिश देकर लौट रहे एक दरोगा की मौत, महिला सिपाही समेत 4 घायल
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दुखद समाचार सामने आया है, जहाँ अपराधियों की धरपकड़ के लिए दबिश देकर लौट रही पुलिस की एक टीम भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में एक उप-निरीक्षक (दरोगा) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला सिपाही सहित चार अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं।
पुलिस की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। पुलिस की यह टीम किसी आपराधिक मामले में दबिश (रेड) देने के बाद वापस गोरखपुर लौट रही थी। यह हादसा देर रात/तड़के हुआ (स्थान की विस्तृत जांच जारी है), जब संभवतः चालक को झपकी आने या अचानक कोई जानवर सामने आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई।
ये भी पढ़ें मुस्लिम उजमा बनीं शिव भक्त! हिंदू प्रेमी लोकेंद्र से शादी की मन्नत, कांवड़ लेकर रवाना | बुलंदशहरहादसे में उप-निरीक्षक (SI) की जान चली गई है। शहीद दरोगा की पहचान और उनके योगदान को पुलिस विभाग ने नमन किया है। गाड़ी में सवार एक महिला सिपाही और तीन अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत पास के मेडिकल कॉलेज/अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। गैस कटर की मदद से गाड़ी में फंसे पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला गया। एसएसपी (SSP) गोरखपुर ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं कि क्या हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की थकान की वजह से।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां