अब्बास अंसारी मामले के खुलासे का मिला ईनाम, एसपी वृंदा शुक्ला समेत 4 पुलिसकर्मियों को किया गया सम्मानित
चित्रकूट- जिले की जेल में बन्द माफिया डान मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे के पत्नी से मिलन कांड का भंडाफोड करने पर एसपी, सीओ सिटी हर्ष पाण्डेय, सीओ एलआईयू अनुज कुमार मिश्रा और जेल चौकी प्रभारी श्यामदेव सिंह को सम्मानित किया है। डीजीपी ने इन चारों को प्रशंसा चिन्ह देकर सम्मानित किया है। मंगलवार को […]
चित्रकूट- जिले की जेल में बन्द माफिया डान मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे के पत्नी से मिलन कांड का भंडाफोड करने पर एसपी, सीओ सिटी हर्ष पाण्डेय, सीओ एलआईयू अनुज कुमार मिश्रा और जेल चौकी प्रभारी श्यामदेव सिंह को सम्मानित किया है। डीजीपी ने इन चारों को प्रशंसा चिन्ह देकर सम्मानित किया है।
मंगलवार को चारों पुलिस कर्मियों को लखनऊ बुलाया गया था। तीन दिन पहले जिला जेल रगौली में अब्बास अंसारी को जेल से बाहर ले जाने की साजिश रचने पर पत्नी निखत अंसारी को पुलिस ने पकड़ा था। शुक्रवार को बन्दी मुलाकाती रजिस्टर में बिना नाम दर्ज कराये निखत पति अब्बास से मिलने जेल पहुंची थीं। डीएम अभिषेक आनन्द व एसपी वृन्दा शुक्ला ने सूचना पर निखत को गिरफ्तार किया था।
विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो अंसारी को जिला मुख्यालय से सटे कपसेठी गांव के विकासनगर में प्रहलाद साहू का मकान सपा के जिला महासचिव फराज खान ने किराये पर दिलवाया था। सोमवार को देर शाम मकान मालिक को पुलिस ने पूछताछ को बुलाया था। देर शाम पुलिस ने मकान को सील कर दिया। मामले की छानबीन तेज हो गई है।
ये भी पढ़ें संभल: महाशिवरात्रि पर आस्था का अपार सैलाब, हजारों कांवड़ियों ने शिवालयों में गंगाजल चढ़ायासूत्रों की मानें तो जांच को लखनऊ स्तर से विशेष टीम भी मंगलवार को यहां आने वाली है। निखत हर दिन तीन-चार घंटे अवैध ढंग से जेल में अब्बास से मुलाकात करती थीं।
ये भी पढ़ें शानदार रहा अरिजीत सिंह के साथ जियागंज स्टूडियो में 'तेरे संग' रिकॉर्ड करने का अनुभव : यूलिया वंतूर इस मामले में जेलर संतोष पाण्डेय, डिप्टी जेलर पीयूष पाण्डेय समेत पांच जेल वार्डन को निलम्बित किया जा चुका है। जेल सुपरिटेंडेन्ट अशोक सागर को निलम्बित करने की सिफारिश शासन से की गई है। उन्नाव के जेलर राजीव कुमार सिंह ने जेल का कार्यभार संभाल लिया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां