यूपी में 4.32 लाख वोट कटे: घबराएं नहीं, दोबारा वोटर बनने के लिए शुरू हुए आवेदन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मतदाता सूची में कटे हुए वोटरों को दोबारा जोड़ने का काम शुरू हो गया है। एसआईआर (सर्वे ऑफ इलेक्टर्स रजिस्ट्रेशन) अभियान के दौरान मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर समेत सातों विधानसभाओं में कुल 4.32 लाख मतदाताओं के वोट काट दिए गए थे। अब चुनाव प्रशासन ने इस संख्या को फिर से अपडेट करने के लिए फार्म-6 भरने का अभियान चलाया है।
छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार सातों विधानसभाओं में कुल मतदाताओं की संख्या 22.10 लाख है। पहले यह संख्या 26.42 लाख थी। सत्यापन के दौरान 4.32 लाख मतदाता एएसडी सूची में नहीं मिले और इनके नाम हटाए गए। इसके अलावा 1.61 लाख मतदाता वर्ष 2003 की सूची से मैप नहीं हुए हैं, जिन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
फार्म-6 के माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण किया जा सकता है। सूची से नाम हटाने के लिए फार्म-7 और पता परिवर्तन या अन्य सुधारों के लिए फार्म-8 भरना होगा।
विधानसभा वार आंकड़े इस प्रकार हैं: बेहट में 3426, नकुड़ में 3435, नगर में सबसे अधिक 16,595, देहात में 7432, देवबंद में 4045, रामपुर मनिहारान में 4751 और गंगोह में 3521 लोगों ने फार्म-6 जमा किए हैं।
फार्म-7 भरने वालों की संख्या बेहट में 44, नकुड़ में 73, नगर में 94, देहात में 259, देवबंद में 70, रामपुर मनिहारान में 122 और गंगोह में 42 रही। फार्म-8 भरने वालों की संख्या बेहट में 1884, नकुड़ में 1582, नगर में 5290, देहात में 2577, देवबंद में 2007, रामपुर मनिहारान में 1453 और गंगोह में 1997 है।
निर्वाचन कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे फार्म-6 को आवश्यक दस्तावेज और घोषणा पत्र के साथ जमा कराएं ताकि कटे हुए वोट दोबारा जुड़ सकें। इसी तरह सूची में सुधार या पता परिवर्तन के लिए संबंधित फार्म-7 और फार्म-8 समय पर जमा कराना आवश्यक है।
यह अभियान इस साल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है ताकि सभी पात्र मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।
