नशा बन रहा है कैंसर की सबसे बड़ी वजह, सरकार चलाए 'नशे का नाश' अभियान: अखिलेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते कैंसर मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि राज्य में पुरुषों में होने वाले लगभग 54 प्रतिशत कैंसर का प्रमुख कारण नशा है। ऐसे में सरकार को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि हर तरह के नशे के खिलाफ व्यापक, ईमानदार और प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
कैंसर के डर से डरें नहीं, बल्कि कैंसर होने के कारणों से डरें। कैंसर हो भी जाए तो समय रहते इलाज से उसे हराया जा सकता है। कैंसर के कई रूपों से लड़ने के लिए जो चिकित्सीय रूप से सिद्ध टीकाकरण है, उसको अपनाएं। सरकार इसके लिए निशुल्क टीकाकरण करवाए।" अखिलेश यादव ने कहा कि कैंसर होने के सबसे बड़े कारण के रूप में तम्बाकू से बचें। कैंसर से लड़ने के लिए उन लोगों को आगे किया जाए, जिनकी सिर्फ सार्वजनिक छवि ही नहीं बल्कि जो सच में व्यक्तिगत जीवन में बिना नशे के सफल रहे हैं। कैंसर से लड़कर, जो आज कैंसर-मुक्त जीवन बिता रहे हैं, उन 'कैंसर वारियर्स' और 'सर्वाइवर्स' को कैंसर अस्पताल के मरीजों से मिलाकर, उनमें जीवन के प्रति आशा का संचार करना चाहिए। इससे कैंसर पीड़ितों की जिजीविषा बढ़ेगी और वो इलाज के प्रति सकारात्मक होकर कैंसर से मुक्ति की सच्चाई के प्रति आशान्वित हो जाएंगे। जिससे उनके अच्छे और स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे नशीले उत्पाद होते हैं जिनके बारे में ये भ्रम फैलाया जाता है कि उनमें चिकित्सकीय गुण, मतलब मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होते हैं, जबकि नशा, नशा ही होता है। ऐसे पदार्थों से लोग खुद भी बचें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
स्वयं से बड़ा उदाहरण कोई नहीं होता। अखिलेश ने कहा कि नशा छोड़ने के लिए आत्मबल की जरूरत होती है और कुछ नहीं, थोड़ी सी हिम्मत और अगर परिवार-समाज की जिम्मेदारी है तो उसके प्रति अपने दायित्व के निर्वहन और परिवार-समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए, नशा छोड़ने का संकल्प लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर की दवाइयां केवल सस्ती ही नहीं बल्कि पूरी तरह से टैक्स से मुक्त होनी चाहिए और गरीबों के लिए तो मुफ्त ही होनी चाहिए। कैंसर के इलाज के लिए उत्तर प्रदेश में जो भी कैंसर इंस्टीट्यूट खोले गए हैं, राजनीतिक विद्वेष से ऊपर उठकर जनहित में उनका सही रखरखाव हो और मंडलीय स्तर पर नये कैंसर इंस्टीट्यूट खोलने को प्राथमिकता दी जाए व अतिरिक्त बजट भी। उन्होंने कहा कि कैंसर से लड़ने के लिए हम सबको 'तम्बाकू से तौबा' और 'नशे का नाश' नाम का जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। खुशहाल जीवन अपनाएं और नशे को न हाथ लगाएं।
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