कोडीन सिरप मामले में सर्वांश वर्मा की जमानत खारिज, न्यायालय ने फर्जी ई-वे बिल और सरकारी लापरवाही पर उठाया सवाल
गाजीपुर। प्रदेश के बहुचर्चित कोडीन सिरप मामले में अभियुक्त सर्वांश पुत्र मोतीचन्द्र वर्मा निवासी SA5/159, M5J संजय कालोनी, थाना कैण्ट, जनपद वाराणसी की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश-एन.डी.पी.एस. एक्ट/अपर सत्र न्यायालय, कक्ष सं०-1, गाजीपुर में खारिज कर दी गई।
अधिकारियों द्वारा राज्य कर विभाग से प्राप्त प्रपत्रों में भी एक ही दिन में विभिन्न वाहनों से भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप की आपूर्ति दिखाई गई। वर्ष 2024 में जारी शासन निर्देशों के बावजूद बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन और फर्जी ई-वे बिल तैयार करना मामले की गंभीरता को बढ़ाता है। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रक्रिया में राज्य कर विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण नहीं किया गया।
न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि इस प्रकरण की गंभीरता विवेचना में सामने आए तथ्यों से कहीं अधिक है। इसके साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन और राज्य कर विभाग के कुछ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई निष्क्रियता पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आदेश की प्रति अपर मुख्य सचिव, राज्य कर विभाग एवं प्रमुख सचिव/आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि फर्जी बिल और बोगस फर्मों के आधार पर सम्पूर्ण लेन-देन होने के कारण यह मामला साधारण अपराध से कहीं अधिक गंभीर और व्यापक है।
