मेरठ में मोदी–ट्रंप ट्रेड डील के खिलाफ आप का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
मेरठ। मोदी–ट्रंप ट्रेड डील के विरोध में आज आम आदमी पार्टी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। मेरठ जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी के नेतृत्व में पदाधिकारी व कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क पर एकत्र हुए उसके बाद वहां से जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर विरोध कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा धक्का-मुक्की करते हुए सख्ती की गई, जिसे पार्टी ने अलोकतांत्रिक और दमनकारी रवैया बताते हुए कड़ी निंदा की।
इसके उपरांत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से संबंधित अधिकारी को सौंपकर इस ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कहा कि देश के स्वाभिमान, आर्थिक संप्रभुता और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा और सरकार की हर जनविरोधी नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए कथित ट्रेड डील को देश की संप्रभुता, किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों पर सीधा हमला बताते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्नान पर आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिला मुख्यालयों पर एक साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह समझौता भारतीय कृषि बाजार को अमेरिकी हितों के लिए खोलने, रूस से सस्ता तेल खरीद बंद कराने, व्यापारिक असमानता थोपने और देश के स्वाभिमान को गिरवी रखने की साजिश है। जिसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का कृषि बाज़ार अमेरिकी किसानों के लिए खोलकर देश के किसानों के डेथ वारंट पर साइन किया है। इसको आम आदमी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेंगे! यह ट्रेड डील नहीं, थ्रेट डील है। नई ट्रेड डील के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैक्स फ्री एंट्री देकर देश के करोड़ों किसानों के साथ अन्याय किया है। मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर भारतीय किसानों के डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। क्या सरकार बताएगी कि देश का स्वाभिमान अमेरिका के पास क्यों गिरवी रखा जा रहा है? सरकार अपने निजी हितों और अडानी-अंबानी को बचाने के लिए देश के किसानों और स्वाभिमान को अमेरिका के हाथों गिरवी रख रही है! देश के अन्नदाता के हितों का सौदा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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