सीसीएसयू के पादप प्रजनन विभाग के डॉक्टर विकास का मर्डोंक विवि ऑस्ट्रेलिया के लिए चयन
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू)के लिए यह अत्यंत गौरव एवं प्रसन्नता का विषय है कि विश्वविद्यालय के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग से पीएचडी उपाधि प्राप्त करने के तत्पश्चात ही डॉ. विकास कुमार सिंह का चयन मर्डोक विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया में पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप हेतु हुआ है।
डॉ.विकास कुमार सिंह ने अपनी पीएचडी प्रो. शैलेंद्र शर्मा के कुशल मार्ग दर्शन में सफलता पूर्वक पूर्ण की।अपने शोध कार्य के दौरान उन्होंने गेहूं की आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्य किया तथा इस विषय में कई प्रतिष्ठित शोध पत्र प्रकाशित किए, जो उनके वैज्ञानिक योगदान को दर्शाते हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और मर्डोक विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। डॉ.विकास कुमार सिंह का चयन इस MoU के बाद पहला ठोस उदाहरण है, जो दोनों संस्थानों के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को प्रतिबिंबित करता है। मर्डोक विश्वविद्यालय में डॉ. विकास कुमार सिंह, विश्वविख्यात वैज्ञानिक प्रो. राजीव कुमार वर्ष्णेय की प्रयोगशाला में कार्य करेंगे।उनके शोध का मुख्य उद्देश्य गेहूं की गुणवत्ता में सुधार करना होगा, जिसमें पोषण गुणवत्ता, उत्पादकता वृद्धि तथा बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत गेहूं किस्मों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।यह शोध कार्य वैश्विक कृषि के साथ-साथ भारतीय कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
इस उपलब्धि पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने डॉ. विकास कुमार सिंह तथा उनके शोध निर्देशक प्रो. शैलेंद्र शर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कृषि क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य करने पर जोर दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सीसीएसयू की उच्च स्तरीय शोध परंपरा, अंतरराष्ट्रीय पहचान और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण बताया है।
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