रामपुर: दो पैन कार्ड मामले में आजम खां व बेटे अब्दुल्ला की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई टली, वकील के निधन के बाद मंगलवार को बहस
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की कानूनी लड़ाई में एक और मोड़ आ गया। दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। एमपी-एमएलए स्पेशल सेशन कोर्ट में अभियोजन पक्ष की बहस प्रस्तावित थी, लेकिन जिला बार एसोसिएशन के पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष बिलासपुर प्रमोद कुमार जौहरी एडवोकेट के निधन पर अधिवक्ताओं ने शोक के चलते कार्य बहिष्कार कर दिया। अब अगली सुनवाई मंगलवार को तय की गई है।
2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज इस मामले की शुरुआत तब हुई जब आरोप लगा कि आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला के नाम पर अलग-अलग जन्मतिथियों के साथ दो पैन कार्ड बनवाए और उनका उपयोग भी किया। पुलिस ने गहन जांच के बाद पिता-पुत्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 17 अक्टूबर 2025 को दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ आजम खां और अब्दुल्ला ने अलग-अलग अपील दायर की, साथ ही जमानत याचिका भी प्रस्तुत की। वर्तमान में दोनों की अपील पर एक साथ सुनवाई चल रही है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि बचाव पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है, जबकि अभियोजन पक्ष ने पिछली सुनवाई में अपनी दलीलें शुरू कर दी थीं। सोमवार को प्रस्तावित बहस प्रमोद कुमार जौहरी के आकस्मिक निधन के कारण टल गई। बार एसोसिएशन ने श्रद्धांजलि के रूप में न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। कोर्ट ने मामले को मंगलवार के लिए स्थगित करते हुए सभी पक्षों को उपस्थित होने के निर्देश दिए। जमानत याचिका पर भी अब फैसला अगले दिन होगा।
यह मामला आजम खां के लंबे कानूनी संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें वे कई आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं। दो पैन कार्ड विवाद ने सियासी हलकों में भी खूब चर्चा बटोरी थी। सपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे कानून का राज स्थापित करने का उदाहरण मान रही है। रामपुर कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वकीलों ने दिवंगत प्रमोद जौहरी को श्रद्धांजलि दी, जिनका निधन स्थानीय न्यायिक बिरादरी के लिए बड़ा झटका है।
अभियोजन पक्ष का दावा है कि दोहरे पैन कार्ड का उपयोग वित्तीय अनियमितताओं में किया गया, जबकि बचाव पक्ष ने इसे तकनीकी त्रुटि करार दिया। मंगलवार की सुनवाई में अभियोजन की पूरी बहस होने के बाद कोर्ट सजा में कमी या जमानत पर विचार करेगा। आजम खां और अब्दुल्ला की सियासी सक्रियता पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है। रामपुर जिले में सपा-भाजपा समर्थक दोनों ओर तिरंगे लहराते नजर आ रहे हैं। कोर्ट का अंतिम फैसला सभी की निगाहों में है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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