संभल: नगर पंचायत गवां कार्यालय में चूहों ने काटे बिजली तार, शॉर्ट सर्किट से ईओ कक्ष में भीषण आग - पीवीसी पैनल व सामान राख, अभिलेखों की बची जान
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नगर पंचायत गवां कार्यालय में रविवार रात चूहों की शरारत ने आग का रूप ले लिया। चूहों ने कार्यालय के अधिशासी अधिकारी (ईओ) कक्ष में छत पर लगे पीवीसी पैनल के बिजली तार काट दिए थे, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग लग गई। आग ने दीवारों पर लगे पीवीसी पैनल सहित कार्यालय का अधिकांश सामान खाक कर दिया। गनीमत रही कि महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों तक आग नहीं पहुंच सकी, वरना नुकसान और भयावह हो जाता। सोमवार सुबह दफ्तर खुलने पर कर्मचारियों को इस हादसे का पता चला।
नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी श्वेतांक सारस्वत ने बताया कि ईओ कक्ष की छत पर चूहों ने अपना अड्डा बना रखा था। पीवीसी पैनल में लगी लाइटों के तार भी इन्हीं चूहों का शिकार बने। बार-बार तार कटने से शॉर्ट सर्किट की समस्या बनी हुई थी। रविवार रात को भी यही समस्या दोहराई गई। चूहों द्वारा कटे तारों से चिंगारी निकली, जो तेजी से भड़ककर आग बन गई। लपटों ने न केवल पीवीसी पैनल को भस्म कर दिया, बल्कि कक्ष में रखे फर्नीचर, दस्तावेज स्टैंड, कंप्यूटर एक्सेसरीज और अन्य सामान को भी राख में बदल दिया। अनुमानित नुकसान हजारों रुपये का बताया जा रहा है।
सोमवार सुबह जब कर्मचारियों ने दफ्तर खोला तो धुएं की भारी गंध और जले हुए मलबे का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। ईओ कक्ष में कालिख लगे दीवारें, टूटे-फूटे पीवीसी पैनल के टुकड़े और जली हुई सामान की भयावह तस्वीर ने हादसे की भयंकरता उजागर कर दी। गनीमत ये रही कि आग रुक-रुक कर शॉर्ट सर्किट होती रही, वरना पूरे कार्यालय में आग फैल सकती थी। श्वेतांक सारस्वत ने कहा, “चूहों की समस्या पुरानी है। अब तत्काल विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी और पेस्ट कंट्रोल का इंतजाम किया जाएगा।”
यह घटना सरकारी कार्यालयों में बुनियादी रखरखाव की लापरवाही को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने तारों, खराब इलेक्ट्रिक सिस्टम और चूहा-नियंत्रण के अभाव से ऐसी दुर्घटनाएं आम हो रही हैं। नगर पंचायत गवां प्रशासन ने आग बुझाने और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। विद्युत विभाग को बुलाकर शॉर्ट सर्किट का कारण बताने को कहा गया है। कर्मचारियों ने बताया कि रविवार रात कार्यालय बंद होने के बाद कोई पहरा नहीं था, जिससे आग पर तुरंत काबू पाना संभव नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत कार्यालयों की खराब स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ईओ कक्ष में आग लगना सरकारी दस्तावेजों के लिए खतरे की घंटी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी पंचायत कार्यालयों में आधुनिक फायर सिस्टम, चूहा नियंत्रण और विद्युत सुरक्षा के उपाय किए जाएं। नगर पंचायत प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी और कार्यालय को तत्काल बहाल किया जाएगा। फिलहाल ईओ कक्ष को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह हादसा सरकारी भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को सबक सिखाने वाली घटना बन गई है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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