सहारनपुर। आठवें वेतन आयोग के गठन संबंधी अधिसूचना में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को शामिल न किए जाने के विरोध में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने प्रदर्शन कर धरना दिया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक आज सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के पदाधिकारी हकीकत नगर के रामलीला मैदान पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत सरकार द्वारा 03 नवंबर को जारी 8वें वेतन आयोग के गठन संबंधी नोटिफिकेशन में पेंशन पुनरीक्षण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जबकि इससे पूर्व 7वें वेतन आयोग के संकल्प पत्र 28 फरवरी 2014 में पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों को स्पष्ट रूप से वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया गया था। संघ के अनुसार, पेंशन पुनरीक्षण को वेतन आयोग की परिधि से बाहर रखना पेंशनर्स के साथ अन्याय है। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि आठवें वेतन आयोग के पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को शामिल किया जाए तथा वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच किए गए भेदभावपूर्ण प्राविधान को समाप्त किया जाए, ताकि कर्मचारियों एवं पेंशनर्स में व्याप्त असंतोष को दूर किया जा सकें।
धरने पर जिला अध्यक्ष वारिस कुमार, मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार, अभिनव धीमान, सतीश गर्ग, सुभाष, नीरज कुमार, अमित शर्मा, मनोज, अनिल कुमार, बीडी धीमान सहित आदि इंजीनियर एवं पेंशनर्स मौजूद रहे।