टमाटर की खेती में फल फटने की सबसे बड़ी समस्या, सही कारण जानिए और फसल को पूरी तरह बचाइए
आज हम उस परेशानी की बात करने जा रहे हैं जो ठंड के मौसम में टमाटर उगाने वाले हर किसान के दिल की चिंता बन जाती है। मेहनत से फसल तैयार होती है उत्पादन भी अच्छा मिलता है लेकिन अचानक फल फटने लगते हैं और सारी उम्मीद टूटने लगती है। यही समस्या फ्रूट क्रैकिंग कहलाती है जो सही समय पर समझ न आए तो किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान दे सकती है।
ठंड में टमाटर की खेती क्यों बनती है चुनौती
फ्रूट क्रैकिंग की शुरुआत कैसे होती है
इस समस्या की शुरुआत अक्सर पत्तियों से होती है। पहले पत्ते मुड़ने लगते हैं और उन पर छोटे छोटे धब्बे दिखाई देने लगते हैं। कुछ ही दिनों बाद फल पर बारीक दरारें पड़ने लगती हैं और धीरे धीरे फल फटने लगते हैं। यही वह समय होता है जब किसान को सतर्क हो जाना चाहिए।
फल फटने के पीछे छुपे मुख्य कारण
फल फटने का सबसे बड़ा कारण मिट्टी में नमी का अचानक बदलना होता है। जब खेत लंबे समय तक सूखा रहता है और फिर अचानक ज्यादा सिंचाई कर दी जाती है तो फल तेजी से पानी सोख लेते हैं और उनका छिलका फट जाता है। इसके अलावा तापमान में अचानक बदलाव पोषक तत्वों की कमी और गलत सिंचाई का तरीका भी इस समस्या को बढ़ाता है।
समय रहते पहचान ही है सबसे बड़ा इलाज
अगर शुरुआत में ही पत्तियों के मुड़ने और धब्बों के लक्षण दिख जाएं तो तुरंत सुधार किया जा सकता है। सिंचाई को नियमित और संतुलित रखना बहुत जरूरी होता है। मिट्टी में नमी एक जैसी बनी रहे तो फल सुरक्षित रहते हैं।
सही देखभाल से बचाई जा सकती है फसल
खेत में जल निकास की सही व्यवस्था होनी चाहिए ताकि पानी जमा न हो। पौधों को संतुलित पोषक तत्व मिलते रहें तो फल मजबूत बनते हैं। अचानक ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए और हल्की हल्की सिंचाई नियमित करनी चाहिए। इससे फल फटने की संभावना काफी कम हो जाती है।
नुकसान से पहले समाधान ही समझदारी
टमाटर की खेती में फ्रूट क्रैकिंग कोई बीमारी नहीं बल्कि प्रबंधन की कमी से पैदा होने वाली समस्या है। अगर किसान समय पर इसके कारण समझ लें और सिंचाई तथा पोषण पर ध्यान दें तो इस नुकसान से आसानी से बचा जा सकता है। सही जानकारी और सही समय पर लिया गया फैसला पूरी फसल को बचा सकता है।
Disclaimer
यह लेख सामान्य कृषि जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। मौसम मिट्टी और खेती की स्थिति के अनुसार परिणाम बदल सकते हैं। किसी भी उपचार से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। लेखक किसी भी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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