मटर की खेती में देसी तकनीक का कमाल, राख से होगा कीटों का खात्मा और बढ़ेगी शानदार पैदावार
जब खेती में लागत बढ़ती जा रही है और रासायनिक दवाओं के साइड इफेक्ट भी चिंता बढ़ा रहे हैं तब एक पुरानी देसी तकनीक फिर से उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है मटर की खेती में राख का उपयोग आज भी कई किसान अपनाते हैं और इसके नतीजे न केवल अच्छे मिलते हैं बल्कि सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए यह तरीका बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है
मटर की खेती में देसी तरीके की वापसी
राख का प्रयोग कैसे करता है चमत्कार
जब ठंड बढ़ने लगती है और पौधे कुछ मजबूत हो जाते हैं तब खेत में घर के चूल्हे या अलाव से बची राख को हल्के हाथ से पूरे खेत में फैला दिया जाता है यह राख मिट्टी की ऊपरी सतह पर एक पतली परत बना देती है जिससे खेत में नमी बनी रहती है और कीट पतंगों का प्रकोप धीरे धीरे खत्म होने लगता है
खासकर वे कीड़े जो मटर की कोमल पत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं इस विधि से लगभग पूरी तरह नियंत्रित हो जाते हैं बिना किसी जहरीली दवा के फसल सुरक्षित रहती है और पौधों की बढ़वार भी अच्छी बनी रहती है
रासायनिक खेती से अलग एक सुरक्षित रास्ता
आज के समय में रासायनिक खाद और कीटनाशक फसल को जल्दी बड़ा तो कर देते हैं लेकिन उनकी वजह से मिट्टी की ताकत कमजोर होती जाती है और अनाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है इसके विपरीत राख के उपयोग से उगाई गई फसल अधिक प्राकृतिक और पौष्टिक मानी जाती है
इस देसी तकनीक से न केवल उत्पादन बेहतर होता है बल्कि सब्जी का स्वाद भी अच्छा रहता है और बाजार में इसकी मांग भी ज्यादा होती है
कम लागत में बेहतर पैदावार का सपना
राख का प्रयोग करने से खेती की लागत बहुत कम हो जाती है क्योंकि इसके लिए किसी महंगे रसायन की जरूरत नहीं पड़ती घर में मौजूद साधारण राख ही इस काम को कर देती है इससे किसान की आमदनी बढ़ती है और फसल भी सुरक्षित रहती है
अगर इस देसी तकनीक को सही समय और सही मात्रा में अपनाया जाए तो मटर की खेती में अच्छी पैदावार के साथ साथ मिट्टी की सेहत भी लंबे समय तक बनी रह सकती है
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य कृषि जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले कृषि विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें..
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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