“बिजली कटते ही भड़के भाजपा नेता मनीष चौहान — JE को दी आग लगाने की धमकी!”
शामली। जनपद के डुंडूखेड़ा गांव में बिजली कटौती को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक और कानूनी मोड़ पर आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता मनीष चौहान पर आरोप लगा है कि उन्होंने बिजली कनेक्शन काटे जाने से नाराज होकर विभागीय जूनियर इंजीनियर (जेई) के साथ फोन पर अभद्रता की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब बिजली विभाग की एक टीम बकाया बिलों की वसूली के लिए डुंडूखेड़ा गांव पहुंची थी। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विभाग ने बिल जमा न होने पर कुछ घरों के कनेक्शन काट दिए। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई। बताया जा रहा है कि इसी बीच भाजपा नेता मनीष चौहान ने जूनियर इंजीनियर सत्य प्रकाश को फोन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान नेता जी का पारा चढ़ गया और उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "बिजली तुरंत चालू करो, वरना बिजली घर में आग लगा दूंगा।"
धमकी से सहमे जूनियर इंजीनियर सत्य प्रकाश ने तुरंत मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कार्यस्थल पर भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि वे केवल सरकारी राजस्व की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे, जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और धमकी स्वीकार्य नहीं है।
ये भी पढ़ें दिल्ली में फिर लौटी 'खराब' हवा: एक्यूआई 221 पहुंचा, हल्की ठंड के बीच प्रदूषण ने बढ़ाई चिंताघटना के सामने आने के बाद शामली के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, वहीं आम जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या सत्ता की हनक में जनप्रतिनिधि कानून को अपने हाथ में ले सकते हैं? फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है और विभागीय स्तर पर भी इस घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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