लखनऊ में कांग्रेस का हल्ला बोल: विधानसभा घेराव के दौरान लाठीचार्ज पर सदन में भिड़े सत्तापक्ष और विपक्ष
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को प्रदेश भर में मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठा।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा प्रदेश में सबकुछ ठीक है। ऐसी क्या जरूरत पड़ी धरना प्रदर्शन करने की। कांग्रेस की नेता यहां जो चाहती हैं, बोल लेती हैं। मुझे समझ में नहीं आता कि ऐसी क्या परिस्थिति बनी जो प्रदर्शन करने की जरूरत पड़ गयी। दरअसल कांग्रेस की नेता विधान मंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने सदन में पीठ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि कांग्रेस जन मंगलवार को शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। मैं और मेरे साथी को विधानसभा आने नहीं दिया गया। लाठीचार्ज किया गया। कांग्रेस जनों को दो दिन से हाउस अरेस्ट किया। लोकतंत्र में हम लोग अपनी बात भी नहीं रख सकते।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि यह सरकार अधिनायकवादी व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है। राजनारायण से लेकर कई बड़े नेताओं के साथ हमने धरना - प्रदर्शन किया था। हम लोग विधानसभा गेट तक आते थे। अब तो यह सरकार हजरतगंज में ही रोक देती है। हाउस अरेस्ट कर दिया जा रहा है। यह कैसा लोकतंत्र है।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मैं 1980 से यहां आ रहा हूँ। ज्यादा समय विपक्ष में था। हम भी प्रदर्शन करते थे। पुलिस लाठीचार्ज करती थी। प्रताड़ना करती थी। अपनी बात करूं तो मेरे ऊपर गलत हत्या का मुकदमा लिख दिया गया। 12 वर्ष तक मुकदमा चला। इसी सदन में संसदीय कार्य मंत्री मेरी ओर इशारा करते हुए कहते थे दो कत्ली बैठे हैं। किसी को शांतिपूर्ण धरना देने से कहां रोका गया है। हालांकि दोनों पक्ष की बात सदन में आने के बाद इस मुद्दे को अग्राह्य कर दिया गया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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