जौनपुर में मतदाताओं के नाम कटने के विराेध में प्रदर्शन, एडीएम कर रहे जांच
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित केराकत तहसील क्षेत्र के मुर्की गांव में एक मतदाता की ईपिक संख्या का कथित दुरुपयोग कर प्रारूप-7 के माध्यम से 146 मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए आवेदन जमा किया गया। ग्रामीणाें के विराेध के बाद एडीएम ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
मुर्की निवासी सुमैया बानो पत्नी मोहम्मद अफसर ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि उनकी वोटर आईडी संख्या का गलत इस्तेमाल करते हुए ग्राम पंचायत की भाग संख्या 138 व 139 से 146 मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित दर्शाकर नाम विलोपन का आवेदन तहसील में प्रस्तुत किया गया। जबकि निर्वाचन नामावली के भाग संख्या 139, क्रम संख्या 103 पर उनका नाम विधिवत दर्ज है। उन्होंने इसे बदनाम करने की साजिश बताते हुए प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ये भी पढ़ें बिहार : 'मुख्यमंत्री रोजगार योजना' में सीएम नीतीश ने 25 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 10 हजार रुपयेमामला सामने आने पर गांव में हलचल बढ़ गई। प्राथमिक विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर नाम कटने का विरोध करते दिखाई दिए। जांच के दौरान फॉर्म-7 पर अंकित ईपिक संख्या, मोबाइल नंबर और आवेदक का नाम अलग-अलग व्यक्तियों का पाया गया, जिससे संदेह और गहरा गया। ग्रामीणों का कहना है कि बीएलओ द्वारा सोमवार को नाम कटने की सूचना दी गई, जबकि अभिस्वीकृति रसीद पर एक फरवरी की तिथि अंकित है।
ये भी पढ़ें महाराष्ट्र: टीपू सुल्तान विवाद पर भाजपा नेता ने कहा, 'उद्धव सेना अब पूरी तरह सोनिया सेना बनी'फॉर्म पर दर्ज आवेदक पांचू राम ने भी अपने नाम के उपयोग से अनभिज्ञता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सविस्ता ने बताया कि सूची में उनके पिता का नाम भी शामिल है। संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर व्यक्ति ने नंबर के दुरुपयोग की बात कही।
इस संबंध में बीएलए-1 संजय पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 आपत्ति दर्ज करने का माध्यम है, जिसके बाद सत्यापन किया जाता है। सही पाए जाने पर नाम नहीं काटा जाता। इस मामले में बुधवार को एडीएम एफआर परमानंद झा ने बताया कि मामला सामने आया है पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई का करने का आश्वासन दिया है। हालांकि इस मामले को लेकर सपा और कांग्रेस पार्टी के लोग लगातार ऐसे मामले को लेकर चुनाव आयोग से और जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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