मुजफ्फरनगर: बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला! ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर 'अवैध वसूली' का आरोप, भाकियू ने घेरा कार्यालय
पुरकाजी सब-डिवीजन के जेई और लाइनमैन पर गिरी गाज? भाकियू (अराजनैतिक) ने मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। किसानों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी नए ट्यूबवेल कनेक्शन देने के नाम पर किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं और भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लांघ चुके हैं। बुधवार को भाकियू (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी जोगिंदर के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
पुरकाजी क्षेत्र में भ्रष्टाचार का 'नेटवर्क' सक्रिय!
मुख्य अभियंता (विद्युत वितरण पश्चिमांचल) को सौंपे गए ज्ञापन में यूनियन ने सीधे तौर पर पुरकाजी सब-डिवीजन के बरला और बसेड़ा बिजली घर पर तैनात कर्मचारियों को निशाने पर लिया है। किसानों का आरोप है कि जेई सचिन, संविदा कर्मचारी सचिन (एसएसओ) और लाइनमैन नीटू ने कनेक्शन प्रक्रिया को 'कमीशन का जरिया' बना लिया है। आरोप है कि ये कर्मचारी कागजों में अनावश्यक कमियां निकालकर किसानों को चक्कर कटवाते हैं और फिर काम के बदले मोटी रकम (अवैध वसूली) की मांग करते हैं।
किसानों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मंडल प्रभारी विपिन त्यागी ने कहा कि क्षेत्र का किसान पहले ही आवारा पशुओं और फसलों के उचित दाम न मिलने से परेशान है, ऊपर से बिजली विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी उनके जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी जेई और लाइनमैन के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल नहीं हटाया गया, तो किसान यूनियन बिजली कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होगी।
जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को सुनने के बाद मुख्य अभियंता ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। यदि जेई और संविदा कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में उपदेश त्यागी, तरुण त्यागी सहित संगठन के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी और क्षेत्र के पीड़ित किसान मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
कुलदीप सिंह वर्ष 2003 से निरंतर रॉयल बुलेटिन संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वह संस्थान की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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