दीवानी न्यायालय में बम धमकी से अफरा-तफरी, परिसर कराया गया खाली
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार को बम विस्फोट की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। जिला जज द्वारा सूचना दिए जाने के बाद अधिवक्ताओं और वादकारियों को तत्काल परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर अज्ञात तत्वों की ओर से संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें न्यायालय परिसर तथा पुलिस लाइन के गेट नंबर-1 को मंगलवार दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही जिला न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने आदेश जारी कर परिसर खाली कराने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायाधीशों से कहा गया कि अधिवक्ताओं व वादकारियों की अनुपस्थिति में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए।
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सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। न्यायालय परिसर की घेराबंदी कर दी गई और बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सघन जांच शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के बाद डॉग स्क्वॉड टीम को वापस भेज दिया गया। इस घटना के बाद अधिवक्ता और फरियादी परिसर से बाहर सड़कों पर आ गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि न्यायालय से सूचना मिलने के बाद तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच की जा रही है। न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी हाल के दिनों में न्यायालय परिसरों को बम धमकी भरे ईमेल प्राप्त होने की घटनाएं सामने आई हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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