सऊदी अरब में दिखा चांद, भारत में 19 फरवरी को रखा जाएगा पहला रोजा
रियाद/नई दिल्ली। इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमजान का इंतजार खत्म हो गया है। सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 17 फरवरी 2026 की रात चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही वहां शाबान का महीना समाप्त हो गया है और हिजरी संवत 1447 के रमजान महीने का आगाज हो गया है। सऊदी अरब में आज रात से ही मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज शुरू हो गई है और बुधवार, 18 फरवरी को वहां पहला रोजा रखा जाएगा।
सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को ही नागरिकों से अपील की थी कि जो कोई भी नंगी आंखों या दूरबीन से चांद देखे, वह तुरंत नजदीकी अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराए। मंगलवार शाम गवाही मिलने के बाद कोर्ट ने रमजान की शुरुआत का ऐलान किया। मक्का और मदीना समेत पूरे सऊदी अरब में इस घोषणा के बाद उत्साह का माहौल है और इबादत का दौर शुरू हो चुका है।
भारत में रमजान की शुरुआत आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद होती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि भारत में 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा। हालांकि, परंपरा के अनुसार भारत की विभिन्न हिलाल कमेटियां बुधवार यानी 18 फरवरी की शाम को बैठक करेंगी। यदि बुधवार शाम भारत के आसमान में चांद नजर आता है, तो आधिकारिक तौर पर गुरुवार से रमजान शुरू होने की घोषणा की जाएगी।
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे मुकद्दस महीना माना जाता है। इस पूरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक अन्न-जल का त्याग कर रोजा रखते हैं और अपना अधिकतम समय अल्लाह की इबादत, कुरान की तिलावत और दान-पुण्य (जकात) में व्यतीत करते हैं। यह महीना आत्म-संयम, धैर्य और भाईचारे का संदेश देता है।
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