मुजफ्फरनगर: विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर स्लेवरी में फंसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजकर उन्हें जबरन साइबर ठगी और फर्जी कॉल सेंटर जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल कराने का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार आश मोहम्मद पहले कतर में नौकरी कर चुका था और बाद में ट्रेवल एजेंट बन गया। वह अपने साथी अनवर अहमद अंसारी उर्फ साबरी के साथ मिलकर युवाओं को चुनता था, जिनके पास कंप्यूटर और टाइपिंग का ज्ञान होता। युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजा जाता, जहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते और उन्हें साइबर ठगी में जबरन शामिल किया जाता। विरोध करने पर उन्हें चीनी नागरिकों को साइबर स्लेवरी के लिए बेच दिया जाता।
जावेद ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई साजिद कंबोडिया में नेटवर्क संचालित कर रहा है और प्रति व्यक्ति पचास हजार रुपये कमीशन के लालच में युवाओं को भेजता था। फिलहाल गिरोह का मुख्य आरोपी अनवर अंसारी उर्फ साबरी फरार है और कंबोडिया में सक्रिय बताया जा रहा है।
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश के साथ विदेश भेजे गए अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर स्लेवरी और मानव तस्करी जैसी गंभीर अपराधों के खिलाफ अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का बड़ा उदाहरण बताया।
