मुजफ्फरनगर में सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर मोहन प्रजापति नजरबंद, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुजफ्फरनगर। सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर मेरठ जाने की घोषणा के बाद भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति को पुलिस ने घर पर ही नजरबंद कर दिया। देर रात कोतवाली पुलिस ने अधिकारियों के आदेश पर उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।
मोहन प्रजापति ने इसे शासन के इशारे पर की गई कार्रवाई बताते हुए भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को दबंगों द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार शोषण करने वाले दबंगों को ताकत दे रही है।
मोहन प्रजापति ने कहा कि यह सब सरकार के इशारे पर किया जा रहा है ताकि अति पिछड़ों की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं का मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोनू कश्यप हत्याकांड में सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी तरह की गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं और यदि जरूरत पड़ी तो बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह भाजपा सरकार की होगी।
मोहन प्रजापति के नजरबंद किए जाने की खबर से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
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रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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