पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर 4 प्रतिशत से अधिक फिसले

मुंबई। भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक के शेयरों गुरुवार को 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। सुबह 11:16 पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 40 रुपए या 4.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 802 रुपए पर था। एचडीएफसी बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और यह 18 मार्च से प्रभावी हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक के उस अनुरोध को मंजूरी दे दी है जिसमें केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त करने की बात कही गई थी। हालांकि, मिस्त्री ने कहा कि अतानु चक्रवर्ती के पद छोड़ने के बाद कोई बड़ी समस्या नहीं है।
चक्रवर्ती 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और कार्यप्रणालियां देखी हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे उपरोक्त निर्णय का आधार है। मैं पुष्टि करता हूं कि मेरे इस्तीफे का उपरोक्त कारणों के अलावा कोई अन्य ठोस कारण नहीं है।” एनडीटीवी प्रॉफिट से बात करते हुए चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा बैंक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से संबंधित नहीं है।
उन्होंने एनडीटीवी प्रॉफिट को बताया, “मैं बैंक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की ओर इशारा नहीं कर रहा हूं। मेरी विचारधाराएं संगठन से मेल नहीं खाती थीं, इसलिए अलग होने का समय आ गया था।” और कहा कि उनका निर्णय पूरी तरह से वैचारिक मतभेदों से प्रेरित है। उन्होंने दोहराया कि संगठन के भीतर कोई भी अनियमितता नहीं है और उनका इस्तीफा पूरी तरह से दृष्टिकोण और मूल्यों में मतभेदों पर आधारित है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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