मेरठ में मिड-डे मील घोटाला! 10 कुंटल गेहूं सड़ा, बच्चों का हक छिना

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है, जहां सरकारी व्यवस्था की लापरवाही ने गरीब बच्चों के मुंह का निवाला छीन लिया।
मामला मेरठ के मामेपुर स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का है, जहां मिड-डे मील के लिए रखा गया करीब 10 कुंटल गेहूं स्टोर रूम में ही सड़कर खराब हो गया। यह गेहूं उन बच्चों के लिए था, जो स्कूल में मिलने वाले भोजन पर निर्भर रहते हैं।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल के एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने स्टोर रूम की चाबी प्रशासन को नहीं सौंपी। यही वजह रही कि गेहूं समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका और वह धीरे-धीरे सड़ता रहा।
दूसरी तरफ, स्कूल के ही एक अन्य शिक्षक लगातार इस मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी BSA को चिट्ठियां लिखते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जब तक प्रशासन हरकत में आता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और 10 कुंटल गेहूं पूरी तरह खराब हो चुका था।
इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर बच्चों के हक का खाना इस तरह कैसे बर्बाद हो गया? और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
फिलहाल इस मामले में जांच की बात कही जा रही है, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब बच्चों का हुआ है, जिनके लिए यह भोजन एक बड़ी उम्मीद होता है।
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