चरथावल में नलकूपों पर 'चोरों का राज': सिंचाई ठप होने से किसान बेहाल, 26 मार्च को टिकैत की मौजूदगी में महापंचायत का शंखनाद

मुजफ्फरनगर। जनपद के चरथावल क्षेत्र में नलकूपों से हो रही ताबड़तोड़ चोरियों ने अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। ग्राम क्यामपुर सहित आधा दर्जन गांवों में एक ही रात में लाखों रुपये का सामान चोरी होने की घटना ने पुलिसिया इकबाल पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। रोनी हरजीपुर और अलीपुर जैसे गांवों में लगातार हो रही वारदातों से आक्रोशित किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया है कि यदि 25 मार्च तक चोरों की गिरफ्तारी और घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ, तो 26 मार्च को चरथावल ब्लॉक परगना में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी।
राकेश टिकैत भरेंगे हुंकार, घेरा जाएगा प्रशासन
भाकियू नेता विकास शर्मा ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित किसानों का दर्द साझा किया। उन्होंने दो टूक कहा कि इस महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे। किसानों का आरोप है कि नलकूपों से स्टार्टर, केबल और अन्य कीमती सामान चोरी होने से खेतों की सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस की सुस्ती ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं।
सिर्फ चोरी नहीं, इन मुद्दों पर भी थमेगा चक्का
26 मार्च को होने वाली इस महापंचायत का एजेंडा केवल नलकूपों की चोरी तक सीमित नहीं रहेगा। भाकियू पदाधिकारियों के अनुसार, किसान दिवस पर उठाए गए ज्वलंत मुद्दे जैसे—क्षेत्र की बदहाल और टूटी सड़कें, आवारा पशुओं द्वारा फसलों की बर्बादी, ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ता प्रदूषण भी इस पंचायत के केंद्र में होंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन की घुट्टी पिला रहा है, जबकि धरातल पर उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
दहशत और गुस्से में ग्रामीण
चरथावल के ग्रामीण इलाकों में इस समय भय और रोष का मिला-जुला माहौल है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते चोरों को जेल नहीं भेजा और बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 26 मार्च की महापंचायत के बाद आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल, भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों को एकजुट करना शुरू कर दिया है, जिससे ब्लॉक मुख्यालय पर भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां