मुजफ्फरनगर में लगी योग दक्षता की क्लास: साधकों ने पढा योग और आहार का पाठ
योग साधना 'पूर्ण स्थिति' और 'आहार नियंत्रण' की कुंजी: सुरेंद्र पाल सिंह आर्य

मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में कृष्णापुरी स्थित एसएसडी इंटर कॉलेज के नि:शुल्क योग साधना केंद्र पर 'दक्षता क्लास' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में साधकों को न केवल कठिन आसनों का अभ्यास कराया गया, बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए योग और आहार के अंतर्संबंधों की सूक्ष्म जानकारी भी दी गई।
जनपद प्रभारी और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में उन्होंने साधकों को योग के मूल मंत्र समझाए। उन्होंने कहा कि आसनों की संख्या मायने नहीं रखती, बल्कि उन्हें सही तरीके से खींचकर और तानकर अपनी पूर्ण क्षमता के साथ करना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आसन की अंतिम स्थिति में कुछ देर रुकना शारीरिक और मानसिक स्थिरता के लिए अधिक लाभदायक है। सत्र के दौरान योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने अनुलोम-विलोम व कपालभाति प्राणायाम के साथ ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में योग साधक और साधिकाएं उपस्थित रहे, जिन्होंने योग की बारीकियों को आत्मसात किया।
आहार शुद्धि पर विशेष मार्गदर्शन
योगाचार्य ने बताया कि नियमित योग अभ्यास तब तक अधूरा है जब तक भोजन पर नियंत्रण न हो। उन्होंने स्वस्थ रहने के तीन मुख्य सूत्र साझा किए, जिनमें रात्रि का भोजन सूर्यास्त से पहले करने, हमेशा भूख से थोड़ा कम ही भोजन ग्रहण करने तथा दोपहर के भोजन से पहले एक प्लेट मौसमी सलाद चबा-चबाकर खाने के अलावा भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से बचने की सलाह दी गई।
साधकों ने किया विभिन्न आसनों का अभ्यास
दक्षता क्लास की शुरुआत केंद्र प्रमुख राकेश गोयल ने 'ओम् ध्वनि' और गायत्री मंत्र के साथ कराई। इसके पश्चात सत्र दर सत्र विभिन्न विशेषज्ञों ने अभ्यास कराया। केंद्र प्रमुख राकेश गोयल ने ताड़ासन, त्रिकोणासन, गत्यात्मक पश्चिमोत्तानासन, उष्ट्रासन और शशक आसन का अभ्यास कराया। वहीं योग शिक्षक रामपाल शर्मा ने सर्पासन, भुजंग और शलभासन के माध्यम से रीढ़ की हड्डी को मजबूती देने के गुर सिखाए। जबकि क्षेत्रीय प्रधान राजीव रघुवंशी ने सर्वांगासन और मत्स्य आसन कराए, जबकि वेद प्रकाश ने हास्य आसन से सभी को तनावमुक्त किया।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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