मुजफ्फरनगर: पंचायती राज विभाग पर बिजली का 69.74 करोड़ बकाया, अब ग्राम पंचायतों की 'तिजोरी' से कटेगा पैसा
स्ट्रीट लाइट और सरकारी स्कूलों ने बढ़ाया बिलों का अंबार; जनवरी 2026 तक की रिपोर्ट में शामली और खतौली-बुढ़ाना में भी करोड़ों की देनदारी
मुजफ्फरनगर (रॉयल बुलेटिन): मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों पर विद्युत विभाग का करोड़ों रुपये का कर्ज चढ़ गया है। पश्मिांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के अंत तक यह बकाया राशि करीब 69.74 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अब इस भारी-भरकम बिल का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों से किया जाएगा, जिससे गांवों के विकास कार्यों पर असर पड़ना तय है।
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि मुजफ्फरनगर जोन में सबसे बड़ी देनदारी ग्रामीण स्ट्रीट लाइटों की है, जिसका बिल करीब 39.88 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालयों (16.46 करोड़), पेयजल योजनाओं (4.42 करोड़) और पंचायत भवनों (3.96 करोड़) का भुगतान भी लंबे समय से लटका हुआ है। आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक शौचालयों पर भी करीब 5 करोड़ रुपये बकाया हैं।
खंडवार बकाये की स्थिति:
विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 22.35 करोड़ रुपये की देनदारी विद्युत वितरण मंडल (ईडीसी)-द्वितीय मुजफ्फरनगर में है। शामली जनपद भी पीछे नहीं है, वहां 22.51 करोड़ रुपये का बिल लंबित है। खतौली मंडल में 11.93 करोड़ और बुढ़ाना में 10.41 करोड़ रुपये बकाया हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय अब इन बिलों के निस्तारण के लिए ग्राम पंचायतों के बजट का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है।
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पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय मौहम्मद शाहनवाज मुज़फ्फरनगर के एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय पत्रकार हैं। वर्तमान में आप राष्ट्रीय सहारा के जिला प्रभारी (मुज़फ्फरनगर) के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थान रॉयल बुलेटिन में संवाद सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डेढ़ दशक के लंबे अनुभव के साथ मौ. शाहनवाज ने अपनी प्रखर लेखनी से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनसे मोबाइल नंबर 9058673434 पर संपर्क किया जा सकता है।

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