AAP सांसद राघव चड्ढा ने संसद में उठाया हवाई यात्रियों के बैगेज ओवरवेट का मुद्दा.. 1-2 किलो की छूट देने की उठाई मांग
कहा- 1 किलो वजन ज्यादा होने पर कंपनियां लूट रही हैं आम जनता को
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने आज संसद में हवाई यात्रा करने वाले आम नागरिकों से जुड़ा एक बेहद व्यावहारिक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने एयरलाइंस कंपनियों द्वारा बैगेज (सामान) के मामूली वजन अधिक होने पर वसूले जाने वाले भारी-भरकम जुर्माने की आलोचना की। राघव चड्ढा ने इसे 'आम आदमी की जेब पर डाका' बताते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) से नियमों में बदलाव की मांग की।
क्या है मुख्य मुद्दा?
चड्ढा ने सवाल उठाया कि जब एयरलाइंस टिकट बुकिंग में 'डायनेमिक प्राइसिंग' के नाम पर मोटी कमाई करती हैं, तो वे आम यात्रियों के साथ 1 किलो वजन के लिए इतनी बेरहमी क्यों दिखाती हैं?उन्होंने तर्क दिया कि "अगर किसी का बैग 1 किलो ओवरवेट है, तो क्या वह विमान की सुरक्षा को खतरा पहुँचाता है? नहीं। यह केवल अधिक पैसा वसूलने का एक बहाना है।"उन्होंने मांग की कि एयरलाइंस को कम से कम 1 से 2 किलो का 'बफर' (छूट) देना चाहिए, जिस पर कोई अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए।
वर्तमान नियम और समस्या
| एयरलाइन श्रेणी | फ्री चेक-इन बैगेज सीमा | ओवरवेट चार्ज (औसत) |
| डोमेस्टिक (Low-cost) | 15 किलोग्राम | ₹500 - ₹650 प्रति किलो |
| एयर इंडिया (Full Service) | 20-25 किलोग्राम | ₹600+ प्रति किलो |
समस्या: कई बार घर के वजन कांटे (Weighing Scale) और एयरपोर्ट के कांटे में थोड़ा अंतर होता है, जिसका खामियाजा यात्रियों को चेक-इन काउंटर पर भारी जुर्माना देकर भुगतना पड़ता है।
राघव चड्ढा का सुझाव
सांसद ने सुझाव दिया कि सरकार को एक ऐसी यूनिफॉर्म पॉलिसी बनानी चाहिए जिसमें मामूली ओवरवेट (1-2 किलो) पर पेनल्टी न लगे। यदि चार्ज लेना भी पड़े, तो वह तार्किक हो, न कि टिकट की आधी कीमत के बराबर।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां