कॉन्गो में खदाने ढहने से कम से कम 200 मज़दूरों की मौत
किंशासा- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की रुबाया इलाके में खदानों की कोल्टन साइट पर कई खदानों के रास्ते ढह जाने से कम से कम 200 मज़दूरों की मौत हो गयी है। कांगो के बागी अर्धसैनिक समूह 'मार्च 23 आंदोलन' ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। ये घटनाएं बुधवार और गुरुवार को अलग-अलग खदानों में हुईं। यह इलाका अप्रैल 2024 से बागी समूह के कब्जे में है।
उल्लेखनीय है कि कोल्टन उर्फ कॉलंबाइट-टैंटेलाइट टैंटेलम का प्रमुख स्रोत है। यह एक दुर्लभ धातु है जिसका इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि दुनियाभर की टैंटेलम आपूर्ति का 15 प्रतिशत रुबाया खदानों से आता है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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