भारी मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट, निवेशकों ने की जमकर बिकवाली
मुंबई। इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। डॉलर के मजबूत होने और निवेशकों द्वारा भारी मुनाफावसूली किए जाने के कारण कीमती धातुओं के दाम अचानक नीचे आ गए। शुक्रवार को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 9 प्रतिशत गिर गया, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 25 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल सोने का भाव 1,49,075 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2,91,922 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 10 ग्राम पर घटकर 1,65,795 रुपए रह गया। इससे पहले यह 1,75,340 रुपए पर बंद हुआ था। कीमती धातुओं में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। यह तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेडरल रिजर्व चेयरमैन बनाने का नाम आगे बढ़ाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि केविन वार्श महंगाई को काबू में रखने के लिए सख्त रुख रखते हैं और कम ब्याज दरों के पक्ष में नहीं माने जाते। इसी वजह से सोने और चांदी के निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, वास्तविक बॉन्ड यील्ड बढ़ीं और सोने व चांदी में बनी लीवरेज्ड पोजीशन, जिन्हें करेंसी वैल्यू घटने से बचाव के तौर पर लिया गया था, तेजी से खत्म कर दी गई। इसके चलते बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे अरबों डॉलर का मार्केट वैल्यू साफ हो गया और कमजोर निवेशक बाहर हो गए। विश्लेषकों के मुताबिक यह स्थिति तेजी से थकावट की ओर बढ़ने का संकेत है, न कि किसी लंबे समय की मंदी (बेयर मार्केट) की शुरुआत।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के बुनियादी कारक अब भी मजबूत बने हुए हैं। केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद, साथ ही ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स से बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण चांदी की आपूर्ति में संरचनात्मक कमी बनी हुई है। यही वजह है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी को लेकर तेजी का नजरिया बरकरार है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एक तरह की जरूरी सुधार प्रक्रिया है। इससे जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी और जोखिम भरे निवेश बाहर हो गए हैं, जिससे आगे चलकर बाजार ज्यादा स्थिर तरीके से ऊपर जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर चांदी की कीमत 3 लाख से 3.10 लाख रुपए के स्तर पर आती है तो वहां से दोबारा खरीदारी शुरू हो सकती है, जिससे चांदी संभावित रूप से 3.40 लाख से 3.50 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर तक जा सकती है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां