भाकियू की हुंकार: ट्रेड डील के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान, नरेश टिकैत बोले- किसानों को बर्बाद कर देगी भारत-अमेरिका संधि
सिसौली में मासिक पंचायत: 22 फरवरी को बुढ़ाना के नगवा में जुटेगी चार जिलों की महापंचायत, संगठन को मजबूत करने का निर्देश
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों को आगामी बड़े आर्थिक संकट के प्रति आगाह करते हुए एक नए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी करने का कड़ा निर्देश दिया है। सिसौली स्थित ऐतिहासिक किसान भवन में आयोजित संगठन की मासिक पंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाली प्रस्तावित व्यापारिक संधि (ट्रेड डील) देश के अन्नदाता को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को लामबंद करें और अपनी जमीन व हक की रक्षा के लिए फिर से संघर्ष का रास्ता अपनाएं।
प्रशासनिक उदासीनता पर बरसे चौधरी नरेश टिकैत
ये भी पढ़ें बिहार : 'मुख्यमंत्री रोजगार योजना' में सीएम नीतीश ने 25 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 10 हजार रुपयेपंचायत के दौरान नरेश टिकैत ने प्रशासनिक अधिकारियों के बदलते और अड़ियल रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब जिला स्तर के अधिकारी और गन्ना विभाग के अफसर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान करते थे, लेकिन अब स्थिति इसके उलट हो गई है। अधिकारी अब किसानों की सुनने को तैयार नहीं हैं। टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि बड़े कॉर्पोरेट घरानों और व्यापारियों की नजर किसानों की कीमती जमीनों पर है। यदि किसान आज एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में उन्हें अपनी पुश्तैनी विरासत से हाथ धोना पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें रामपुर: फारुख अधिवक्ता हत्याकांड के बाद पुलिस फेरबदल, स्वाट, नगर व सिविल लाइंस के प्रभारी बदले गएट्रेड डील के तकनीकी पहलुओं पर गौरव टिकैत का हमला
भाकियू युवा नेता चौधरी गौरव टिकैत ने ट्रेड डील के तकनीकी पहलुओं पर सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि कृषि क्षेत्र को इस डील से बाहर रखा गया है, जबकि अमेरिकी कृषि मंत्री के बयान इसके बिल्कुल विपरीत हैं। गौरव टिकैत ने आशंका जताई कि यदि अमेरिका से सस्ती कृषि उपज और सोयाबीन तेल का आयात शुरू हुआ, तो भारतीय किसानों की फसल का बाजार मूल्य धड़ाम से गिर जाएगा, जिससे किसान कर्ज के दलदल में और गहरे फंस जाएंगे। उन्होंने अमेरिका में किसानों को मिलने वाली भारी सब्सिडी का उदाहरण देते हुए भारतीय किसानों की तुलनात्मक स्थिति पर चिंता जताई।
आगामी महापंचायतों की घोषणा और रणनीति
आंदोलन की धार तेज करने के लिए संगठन ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है। घोषणा के अनुसार, 21 फरवरी को बिजनौर और 22 फरवरी को बुढ़ाना के नगवा गांव में मेरठ, शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर के किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। पंचायत में पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सदस्यता अभियान में तेजी लाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाएं। बैठक में मुख्य रूप से ओमपाल मलिक, नवीन राठी और धीरज लाटियान सहित कई जनपदों के प्रमुख भाकियू नेता उपस्थित रहे, जिन्होंने ट्रेड डील के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया।
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